Saturday, June 20, 2026

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55 साल बाद बंगाल की खाड़ी में फिर दिखेगी पाकिस्तान की पनडुब्बी! चीन की मदद से बढ़ाएगा नौसैनिक ताकत

इस्लामाबाद: पाकिस्तान 1971 के भारत-पाक युद्ध के बाद पहली बार बंगाल की खाड़ी में अपनी पनडुब्बी तैनात करने की तैयारी कर रहा है। यह कदम पाकिस्तान नौसेना के लिए एक बड़ी रणनीतिक वापसी माना जा रहा है। चीन से मिली नई हंगोर-क्लास पनडुब्बियों के दम पर पाकिस्तान अब अरब सागर से आगे बढ़कर हिंद महासागर और बंगाल की खाड़ी में अपनी मौजूदगी मजबूत करना चाहता है।हाल ही में चीन ने पाकिस्तान को पहली हंगोर-क्लास सबमरीन PNS Hangor सौंप दी है, जो पिछले सप्ताह कराची बंदरगाह पहुंची। पाकिस्तान नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि यह पनडुब्बी देश की समुद्री क्षमता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।

  • 1971 की हार के बाद खत्म हो गई थी मौजूदगी

1971 के युद्ध में पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) के अलग होने के बाद बंगाल की खाड़ी में पाकिस्तान नौसेना की सक्रिय मौजूदगी लगभग समाप्त हो गई थी। पिछले पांच दशकों से पाकिस्तान की नौसैनिक गतिविधियां मुख्य रूप से अरब सागर तक सीमित रही हैं।अब बदलते क्षेत्रीय समीकरणों और बांग्लादेश के साथ बेहतर होते संबंधों के बीच पाकिस्तान एक बार फिर इस रणनीतिक समुद्री क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की योजना बना रहा है।

  • चीन से मिलेंगी कुल 8 आधुनिक पनडुब्बियां

पाकिस्तान नौसेना के कमोडोर उमर फारूक ने श्रीलंका के कोलंबो स्थित मीडिया संस्थान The Morning से बातचीत में कहा कि हंगोर-क्लास पनडुब्बियां पाकिस्तान के लिए “गेम चेंजर” साबित होंगी। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान इस श्रेणी की कुल 8 पनडुब्बियां अपने बेड़े में शामिल करने की योजना पर काम कर रहा है।इन नई पनडुब्बियों का उद्देश्य वर्तमान में सेवा दे रही पुरानी अगोस्टा-क्लास पनडुब्बियों की जगह लेना है। PNS Hangor के शामिल होने से पहले पाकिस्तान नौसेना के पास पांच पनडुब्बियां थीं।

  • भारत के लिए क्यों अहम है बंगाल की खाड़ी?

बंगाल की खाड़ी लंबे समय से भारत का रणनीतिक प्रभाव क्षेत्र माना जाता है। यहां भारतीय नौसेना की ईस्टर्न नेवल कमांड का मुख्यालय विशाखापत्तनम में स्थित है, जबकि अंडमान-निकोबार द्वीप समूह इस क्षेत्र में भारत की सामरिक ताकत को और मजबूत बनाते हैं।यह समुद्री क्षेत्र भारत, बांग्लादेश, म्यांमार, थाईलैंड, मलेशिया, इंडोनेशिया और श्रीलंका के बीच व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

  • क्षेत्रीय नौसैनिक प्रतिस्पर्धा तेज

विशेषज्ञों का मानना है कि चीन की मदद से पाकिस्तान की बढ़ती समुद्री ताकत हिंद महासागर क्षेत्र में नई रणनीतिक प्रतिस्पर्धा को जन्म दे सकती है। हालांकि भारत की नौसैनिक क्षमता और क्षेत्रीय उपस्थिति अभी भी काफी मजबूत मानी जाती है, लेकिन पाकिस्तान की यह पहल आने वाले वर्षों में समुद्री सुरक्षा समीकरणों को प्रभावित कर सकती है।

  • 1971 के बाद पहली बार बंगाल की खाड़ी में पनडुब्बी भेजने की तैयारी।
  • चीन ने पाकिस्तान को पहली हंगोर-क्लास पनडुब्बी सौंपी।
  • पाकिस्तान कुल 8 आधुनिक पनडुब्बियां शामिल करने की योजना में।
  • बंगाल की खाड़ी में भारत की पारंपरिक रणनीतिक बढ़त को चुनौती देने की कोशिश।
  • हिंद महासागर क्षेत्र में नौसैनिक प्रतिस्पर्धा और तेज होने के संकेत।

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