Sunday, June 21, 2026

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भ्रष्टाचार मामले में पूर्व चीफ इंजीनियर गिरफ्तार, EOW-ACB की बड़ी कार्रवाई; करोड़ों की संपत्ति के दस्तावेज मिले


नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के पूर्व मुख्य अभियंता भागीरथ वर्मा को राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने भ्रष्टाचार के गंभीर मामले में गिरफ्तार किया है। आरोपी पर टेंडर आवंटन में अनियमितता, रिश्वतखोरी और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप हैं।जानकारी के अनुसार, वर्ष 2019 से 2023 के बीच अपने कार्यकाल के दौरान भागीरथ वर्मा पर निविदा कार्यों के आवंटन के बदले अवैध रूप से रिश्वत मांगने और पद का दुरुपयोग करने का आरोप है। इस मामले में 15 जून 2026 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 और 11 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था।

  • 8 ठिकानों पर छापेमारी, करोड़ों की संपत्ति के दस्तावेज बरामद

जांच के तहत EOW और ACB की टीम ने रायपुर, बिलासपुर और मध्य प्रदेश के उज्जैन सहित कुल 8 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान करोड़ों रुपये की संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य और महत्वपूर्ण रिकॉर्ड बरामद किए गए।प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि आरोपी ने अपनी वैध आय से अधिक संपत्ति अर्जित की हो सकती है। फिलहाल एजेंसियां बरामद दस्तावेजों और संपत्तियों के स्रोत की गहन जांच कर रही हैं।

  • 27 जून तक पुलिस रिमांड पर आरोपी

भागीरथ वर्मा को 17 जून को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 18 जून से 27 जून तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। इस दौरान उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है।अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ में कई अहम खुलासे होने की संभावना है, जिससे विभागीय कार्यों में कथित अनियमितताओं और वित्तीय लेनदेन के बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।

  • निविदा प्रक्रिया और संपत्ति नेटवर्क की जांच जारी

जांच एजेंसियां अब टेंडर प्रक्रिया, ठेकेदारों से जुड़े लेनदेन और संपत्ति नेटवर्क की विस्तृत जांच कर रही हैं। इसे नगरीय प्रशासन विभाग में सामने आए बड़े भ्रष्टाचार मामलों में से एक माना जा रहा है। EOW-ACB ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है और आवश्यकता पड़ने पर अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।

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