मुंबई: महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर ‘ऑपरेशन लोटस’ की तर्ज पर ‘ऑपरेशन टाइगर’ की सुगबुगाहट तेज हो गई है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के भीतर असंतोष और सांसदों-विधायकों के पाला बदलने की अटकलों के बीच, पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने आनन-फानन में अपने सभी विधायकों की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है।यह बैठक 22 जून 2026 को शाम 4 बजे मुंबई में मंत्रालय के सामने स्थित पार्टी कार्यालय ‘शिवालय’ में होगी। मुख्य सचेतक सुनील प्रभु और विधान परिषद सदस्य (MLC) अनिल परब द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, विधानसभा और विधान परिषद के सभी सदस्यों के लिए इस बैठक में शामिल होना अनिवार्य (Compulsory) किया गया है।
- 7 सांसद और 16 विधायक पाला बदलने को तैयार? विपक्ष का बड़ा दावा
राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं गर्म हैं कि उद्धव गुट के कई नेता एकनाथ शिंदे या भाजपा खेमे के संपर्क में हैं। इसे लेकर विरोधी नेताओं ने उद्धव ठाकरे पर तीखे हमले किए हैं:
- कृपाल तुमाने (शिवसेना MLC) का बड़ा दावा: उन्होंने दावा किया कि ‘ऑपरेशन टाइगर’ के तहत उद्धव गुट के 7 सांसद और 16 विधायक उनके संपर्क में हैं। बातचीत आखिरी दौर में है और मानसून सत्र से पहले इसकी तारीख तय हो जाएगी। उन्होंने कहा, “जांच हो चुकी है, बस ऑपरेशन की तारीख तय होना बाकी है।”
- संजय निरुपम की भविष्यवाणी: शिवसेना नेता संजय निरुपम ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उद्धव ठाकरे की पार्टी धीरे-धीरे खत्म हो रही है। नेताओं का अब नेतृत्व पर भरोसा नहीं रहा और 2029 तक यह पार्टी पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।
- आशीष जायसवाल (महाराष्ट्र के मंत्री): उन्होंने सधे हुए अंदाज में कहा कि यदि यूबीटी के नेताओं को लगता है कि बालासाहेब ठाकरे की असली विरासत एकनाथ शिंदे के पास है और वे अपने भविष्य के लिए कोई फैसला लेते हैं, तो दलबदल विरोधी कानून के नियमों के तहत उनकी संख्या देखना दिलचस्प होगा।
- संजय राउत का पलटवार: “पार्टी तोड़ने का धंधा कर रही है भाजपा”
इन तमाम दावों और अटकलों को खारिज करते हुए शिवसेना (UBT) के दिग्गज नेता और सांसद संजय राउत ने इसे कोरी अफवाह और झूठ करार दिया है।
- ‘सामना’ के जरिए अवसरवादी राजनीति पर तीखा प्रहार
इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम के बीच शिवसेना (UBT) के मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में दल-बदल करने वाले नेताओं पर तीखा तंज कसा गया है। संपादकीय में लिखा गया कि आज की राजनीति सिर्फ ‘निजी स्वार्थ का धंधा’ बनकर रह गई है।
- मौजूदा स्थिति: क्या कहते हैं आंकड़े?
वर्तमान में उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना (UBT) के पास 9 लोकसभा सांसद और 19 विधायक हैं। अब देखना यह होगा कि 22 जून की इस महाबैठक में कितने विधायक शिरकत करते हैं और क्या उद्धव ठाकरे अपनी साख और संगठन को बचाए रखने में कामयाब हो पाते हैं।

