हेडलाइन: जबलपुर में बेखौफ बदमाश, शराब दुकान पर सरेआम बमबाजी, मची अफरा-तफरी!
- कहां की है घटना?यह सनसनीखेज मामला जबलपुर के रांझी थाना क्षेत्र के मड़ाई इलाके का है, जहां स्थित एक कंपोजिट शराब दुकान को बदमाशों ने निशाना बनाया।
- वारदात का तरीका:रोज की तरह दुकान पर काम चल रहा था, तभी एक मोपेड पर सवार होकर दो नकाबपोश बदमाश वहां पहुंचे। उन्होंने दुकान को निशाना बनाते हुए एक के बाद एक दो सूअरमार बम फेंके।
- बाल-बाल बची जान:गनीमत रही कि बदमाशों द्वारा फेंके गए दो बमों में से सिर्फ एक ही फटा। दूसरा बम नहीं फट पाया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और वहां मौजूद लोग बाल-बाल बच गए।
- पुलिसिया कार्रवाई:घटना की सूचना मिलते ही रांझी थाना पुलिस और बम निरोधक दस्ता (BDDS) मौके पर पहुंचा। पुलिस ने जिंदा बम को अपने कब्जे में लेकर डिफ्यूज किया। पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है। पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है और फुटेज के आधार पर उनकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है। पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि इस बमबाजी के पीछे पुरानी रंजिश है या अवैध वसूली (अड़ीबाजी) का मामला।
संसद से लेकर सीएम तक सिर्फ बुरहानपुर की चिंता? खंडवा के किसानों ने अपनी ही सांसद को घेरा!
- सांसद से क्यों नाराज हैं किसान?खंडवा लोकसभा क्षेत्र के किसानों का गुस्सा अपने सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल पर फूट पड़ा है। किसानों का सीधा आरोप है कि सांसद जी सिर्फ बुरहानपुर जिले का ध्यान रखते हैं, जबकि खंडवा, खरगोन और देवास के किसानों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है।
- बुरहानपुर से ‘अपनों वाला’ प्यार, खंडवा से सौतेला व्यवहार?किसानों ने तर्क देते हुए कहा कि पिछले दिनों जब बुरहानपुर जिले में आंधी-तूफान से केले की फसल बर्बाद हुई, तो सांसद पाटिल ने सक्रियता दिखाई। वो तुरंत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिले और संसद में भी दिल्ली तक आवाज उठाई।
- अरबी और प्याज के किसान बेहाल:दूसरी तरफ, खंडवा और खरगोन जिले में अरबी और प्याज की फसलें लगातार खराब हो रही हैं, लेकिन सांसद महोदय ने आज तक इसके लिए न तो भोपाल में और न ही दिल्ली में पुरजोर तरीके से आवाज उठाई।
- किसानों की दो टूक चेतावनी:किसानों ने सांसद को याद दिलाया है कि खंडवा लोकसभा क्षेत्र सिर्फ बुरहानपुर से नहीं बना है। इसमें 4 जिलों (खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन और देवास) की 8 विधानसभाएं शामिल हैं। किसानों ने साफ लहजे में चेताया है कि अगर उनके साथ यह सौतेला व्यवहार बंद नहीं हुआ, तो आने वाले समय में सांसद को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।

