पश्चिम बंगाल की सियासत में आज शनिवार को उस वक्त भारी भूचाल आ गया, जब पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियों ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दो बड़े दिग्गजों के खिलाफ एक साथ मोर्चा खोल दिया। एक तरफ जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर पुलिस ने ताला तोड़कर एंट्री की, वहीं दूसरी तरफ ईडी (ED) ने पूर्व मंत्री और टीएमसी विधायक मदन मित्रा के 7 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की है।
केस 1: अभिषेक बनर्जी के घर हाई-वोल्टेज ड्रामा, ताला तोड़कर घुसी पुलिस
शनिवार को पश्चिम मेदिनीपुर जिले के सालबोनी पुलिस स्टेशन की एक टीम (जिसमें महिला अधिकारी भी शामिल थीं) अचानक अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर पहुंच गई।
क्यों पहुंची पुलिस?
- जमीन कब्जा और उगाही का मामला: यह कार्रवाई शालबनी थाने में दर्ज कथित जमीन कब्जा करने और जबरन उगाही (Extortion) से जुड़े एक मामले में हुई है।
- सचिव की तलाश: इस मामले में अभिषेक बनर्जी के सचिव सुमित राय मुख्य संदिग्ध हैं। सूत्रों के मुताबिक, सुमित राय के मोबाइल की लोकेशन अभिषेक बनर्जी के घर के आसपास ही मिल रही थी, जिसके बाद पुलिस उन्हें तलाशने वहां पहुंची।
- अभिषेक का जवाब: हालांकि, अभिषेक बनर्जी ने पुलिस को बताया कि सुमित राय घर पर मौजूद नहीं हैं।
आपदा प्रबंधन टीम ने तोड़ा ताला, मौके पर मौजूद थीं ममता बनर्जी कार्रवाई के दौरान तब हड़कंप मच गया जब आपदा प्रबंधन टीम (Disaster Management Team) के सदस्यों ने ताला तोड़कर अभिषेक के घर में प्रवेश किया। माना जा रहा है कि उस वक्त अभिषेक बनर्जी घर के अंदर ही थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी वहां मौजूद थीं और उनकी वीवीआईपी कार घर के बाहर देखी गई। पुलिस के जाने के बाद ही ममता बनर्जी वहां से रवाना हुईं।
CID का शिकंजा: 16 जून को पेश होने का समन, 6 घंटे हो चुकी है पूछताछ
इससे ठीक एक दिन पहले, शुक्रवार को सीआईडी (CID) की टीम भी अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची थी।
- ‘4 तारीख को डीजे बजेगा’ विवाद: सीआईडी की टीम अभिषेक बनर्जी को उनकी ‘4 तारीख को डीजे बजेगा’ वाली टिप्पणी के संबंध में नोटिस देने आई थी। अभिषेक ने यह नोटिस लेने से इनकार कर दिया, जिसके बाद उन्हें 16 जून को सुबह 11 बजे भवानी भवन (CID मुख्यालय) में पेश होने का आदेश दिया गया है।
- फर्जी हस्ताक्षर मामला: बता दें कि इससे पहले गुरुवार को ही सीआईडी ने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के चयन से जुड़े ‘फर्जी हस्ताक्षर मामले’ में अभिषेक बनर्जी से 6 घंटे तक मैराथन पूछताछ की थी। आरोप है कि ममता बनर्जी के आवास पर हुई बैठक के दस्तावेजों पर कई विधायकों की गैरमौजूदगी में उनके फर्जी साइन किए गए थे।
केस 2: मदन मित्रा के 7 ठिकानों पर ED की रेड, 125 से ज्यादा अवैध भर्तियों का आरोप
अभिषेक बनर्जी के घर मचे घमासान के बीच, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने नगरपालिका भर्ती घोटाले (Municipality Recruitment Scams) में टीएमसी विधायक और पूर्व मंत्री मदन मित्रा पर शिकंजा कस दिया है।
- 7 जगहों पर छापेमारी: ईडी की टीमों ने मदन मित्रा से जुड़े कोलकाता और आसपास के 7 ठिकानों पर एक साथ रेड मारी।
- क्या है आरोप? जांच में सामने आया है कि मदन मित्रा ने कामरहाटी नगरपालिका समेत कई अन्य नगरपालिकाओं में अयोग्य उम्मीदवारों को नौकरी दिलाने के बदले बिचौलियों के जरिए कैश और सोने के रूप में मोटी रिश्वत ली थी।
- 125 से ज्यादा गिरफ्तारियां/नियुक्तियां: शुरुआती जांच के अनुसार, मदन मित्रा का संबंध 125 से अधिक ऐसी अवैध और गैर-कानूनी नियुक्तियों से पाया गया है।

