Saturday, June 13, 2026

Top 5 This Week

Related Posts

8th Pay Commission: भत्तों में बंपर बदलाव की तैयारी; जानें 40% HRA और DA मर्जर पर क्या है कर्मचारियों का नया दांव

8th Pay Commission Update: जब भी नए वेतन आयोग के गठन की बात होती है, तो सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर और बेसिक सैलरी (न्यूनतम वेतन) पर आकर टिक जाती है। लेकिन हकीकत यह है कि किसी भी केंद्रीय कर्मचारी की मासिक इन-हैंड सैलरी में भत्तों (Allowances) का हिस्सा भी बहुत बड़ा होता है।यही वजह है कि National Council-JCM (Staff Side) ने 8वें वेतन आयोग के सामने जो मेमोरेंडम (ज्ञापन) सौंपा है, उसमें सिर्फ बेसिक सैलरी बढ़ाने की बात नहीं है, बल्कि दर्जनों भत्तों को पूरी तरह बदलने की मांग की गई है। अगर सरकार इन मांगों पर गंभीरता से विचार करती है, तो आने वाले दिनों में केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी स्लिप का ढांचा पूरी तरह बदल जाएगा।

सबसे बड़ी मांग: बेसिक सैलरी में मर्ज हो महंगाई भत्ता (DA)

NC-JCM ने मेमोरेंडम में एक बेहद महत्वपूर्ण सुझाव दिया है। उनका कहना है कि जब महंगाई भत्ता (DA) एक निश्चित सीमा को पार कर जाए, तो उसे बेसिक वेतन में मिला दिया जाना चाहिए:

  • क्या है प्रस्ताव: सुझाव दिया गया है कि जैसे ही DA/DR 25% के पार पहुंचे, इसे तुरंत बेसिक पे और बेसिक पेंशन में मर्ज करने पर विचार किया जाए।
  • तर्क: कर्मचारी संगठनों का मानना है कि इससे भविष्य के अन्य भत्तों और पेंशन की गणना अधिक वास्तविक और पारदर्शी हो सकेगी।

HRA में बड़े बदलाव की तैयारी: 40% तक बढ़ाने की मांग

घर किराया भत्ता यानी House Rent Allowance (HRA) हर कर्मचारी के लिए सबसे अहम होता है। यूनियनों ने महंगाई को देखते हुए HRA की मौजूदा दरों में बड़े उछाल की मांग की है:

प्रस्तावित HRA का नया ढांचा

शहर की श्रेणी (City Category)मौजूदा ढांचा (Current Rate)प्रस्तावित मांग (Proposed Demand)
X City (महानगर)वर्तमान दर40%
Y City (बड़े शहर)वर्तमान दर35%
Z City (छोटे शहर)वर्तमान दर30%

बच्चों की पढ़ाई और ट्रांसपोर्ट भत्ते पर भी नजर

  • चिल्ड्रन एजुकेशन अलाउंस (CEA): कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि साल 2016 के मुकाबले आज पढ़ाई और हॉस्टल का खर्च कई गुना बढ़ चुका है। मौजूदा भत्ता वास्तविक खर्चों को कवर नहीं करता, इसलिए Child Education Allowance और Hostel Subsidy को नए सिरे से तय किया जाए।
  • ट्रांसपोर्ट अलाउंस (Transport Allowance): पेट्रोल, डीजल और पब्लिक ट्रांसपोर्ट की लगातार बढ़ती कीमतों को देखते हुए यात्रा भत्ते की समीक्षा करने और इसे अधिक यथार्थवादी बनाने की मांग रखी गई है।
    • बंद हो चुके भत्तों की वापसी पर जोर

7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) की सिफारिशों के बाद कई छोटे-छोटे भत्तों को या तो खत्म कर दिया गया था या दूसरों में मर्ज कर दिया गया था। अब NC-JCM ने मांग की है कि:

  • जोखिम (Risk), तकनीकी (Technical) और विशेष परिस्थितियों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए बंद किए गए भत्तों की समीक्षा की जाए।
  • जरूरत के अनुसार इन्हें दोबारा शुरू किया जाए।
    • क्या मान ली जाएंगी ये मांगें?
  • फिलहाल इस पर अंतिम फैसला आना बाकी है। 8वां वेतन आयोग अभी विभिन्न कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और पेंशनर संस्थाओं से सुझाव और फीडबैक ले रहा है। अंतिम सिफारिशें तैयार होने में अभी समय लगेगा। हालांकि, चूंकि NC-JCM देश के सबसे बड़े कर्मचारी प्रतिनिधि मंचों में से एक है, इसलिए सरकार के लिए इनकी मांगों को पूरी तरह नजरअंदाज करना आसान नहीं होगा।

Popular Articles