Monday, July 13, 2026

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भरत तिवारी एनकाउंटर मामला पहुंचा दिल्ली, परिवार ने CBI जांच की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर किया प्रदर्शन

नई दिल्ली/भोजपुर। बिहार के भोजपुर जिले में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। अब इस मामले में न्याय की मांग को लेकर आवाज बिहार से निकलकर देश की राजधानी दिल्ली तक पहुंच गई है। रविवार को भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी और उनके समर्थकों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन कर मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग उठाई।

प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे। लोगों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी से जांच जरूरी है।

‘राज्य सरकार की जांच पर भरोसा नहीं’

भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी ने कहा कि परिवार को बिहार सरकार की मौजूदा जांच प्रक्रिया पर विश्वास नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। चंदन तिवारी ने मांग की कि यदि सरकार वास्तव में निष्पक्ष जांच चाहती है तो पूरे मामले को CBI को सौंपना चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

उन्होंने कहा कि परिवार लंबे समय से न्याय की मांग कर रहा है और अब अपनी आवाज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तक पहुंचाने की कोशिश कर रहा है।

परिवार ने रखीं पांच प्रमुख मांगें

जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान भरत तिवारी के परिवार और समर्थकों ने सरकार के सामने कई मांगें रखीं। इनमें—

  • एनकाउंटर में शामिल लोगों की जल्द गिरफ्तारी और कार्रवाई
  • मामले की जांच CBI से कराने की मांग
  • परिवार को 5 करोड़ रुपये का मुआवजा
  • परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी
  • परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग
शामिल हैं।

इसके अलावा समर्थकों ने यह भी मांग रखी कि भरत तिवारी जिन सामाजिक मुद्दों को लेकर आवाज उठाते थे, उन कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार पहल करे।

‘यह सिर्फ परिवार की नहीं, न्याय की लड़ाई है’

प्रदर्शन में शामिल समर्थकों ने कहा कि यह आंदोलन केवल भरत तिवारी के परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि निष्पक्ष न्याय और जवाबदेही की मांग को लेकर है। उनका कहना है कि जब तक मामले की पारदर्शी जांच नहीं होती और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

वहीं, मामले में आगे की जांच और कार्रवाई को लेकर सभी की नजरें अब बिहार सरकार और जांच एजेंसियों के अगले कदम पर टिकी हैं।

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