Friday, July 10, 2026

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इंडोनेशिया में रामायण के ‘वेयांग कुलित’ मंचन से भावुक हुए प्रधानमंत्री मोदी, बोले हमारी साझा सांस्कृतिक विरासत का अद्भुत उदाहरण

जकार्ता। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपनी तीन देशों की विदेश यात्रा के पहले चरण में इंडोनेशिया पहुंचे, जहां उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। जकार्ता में आयोजित भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने भारत और इंडोनेशिया की साझा सांस्कृतिक विरासत की अनूठी झलक देखी। विशेष रूप से रामायण पर आधारित पारंपरिक छाया कठपुतली कला ‘वेयांग कुलित’ की प्रस्तुति ने उन्हें बेहद प्रभावित किया।

कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए कहा कि इंडोनेशिया की प्राचीन छाया कठपुतली परंपरा वेयांग कुलित के माध्यम से रामायण की कालजयी कथा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कहा कि यह प्रस्तुति इस बात का सशक्त प्रमाण है कि भारत और इंडोनेशिया की साझा सभ्यतागत विरासत सदियों से समुद्रों और पीढ़ियों को पार करते हुए अपने मूल्यों को संजोए हुए है।

प्रधानमंत्री ने प्रदर्शन करने वाली प्रसिद्ध सांस्कृतिक टीम ‘गणेश’ की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि स्थानीय संस्कृति और भारतीय परंपरा का यह सुंदर संगम दोनों देशों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत बनाता है।

सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने बौद्ध परंपरा पर आधारित ‘होमेज टू द ट्रिपल जेम’ की प्रस्तुति की भी प्रशंसा की। विहारा धर्म रत्न ग्रुप के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत इस कार्यक्रम को उन्होंने भगवान बुद्ध की शिक्षाओं और ‘ट्रिपल जेम’ के मूल्यों का जीवंत चित्रण बताया। उन्होंने कहा कि यह देखकर प्रसन्नता होती है कि इंडोनेशिया के लोग बौद्ध धर्म की समृद्ध विरासत को पूरे सम्मान और उत्साह के साथ संरक्षित कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने जकार्ता में भारतीय सांस्कृतिक संस्था समन्वय समूह द्वारा प्रस्तुत भरतनाट्यम नृत्य की भी जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि विदेश की धरती पर भारतीय शास्त्रीय कला और संस्कृति को इतनी निष्ठा एवं उत्कृष्टता के साथ प्रस्तुत किया जाना हर भारतीय के लिए गर्व की बात है। ऐसे प्रयास भारत की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिला रहे हैं।

अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी भारतीय समुदाय के लोगों से भी मिले। उन्होंने कहा कि जकार्ता में प्रवासी भारतीयों द्वारा मिला आत्मीय स्वागत उनके लिए बेहद भावुक और प्रेरणादायक रहा। उन्होंने भारतीय समुदाय की भारत के विकास के प्रति गहरी प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा कि दुनिया के किसी भी कोने में रहने वाले भारतीय देश की संस्कृति और मूल्यों के सशक्त प्रतिनिधि हैं।

प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत और इंडोनेशिया के बीच सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और रणनीतिक संबंधों को नई मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। रामायण, बौद्ध विरासत और भारतीय शास्त्रीय कला पर आधारित प्रस्तुतियों ने दोनों देशों के सदियों पुराने सांस्कृतिक रिश्तों को एक बार फिर वैश्विक मंच पर उजागर किया। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के सांस्कृतिक आदान-प्रदान से भारत की ‘सॉफ्ट पावर’ को नई मजबूती मिलेगी और दोनों देशों के बीच लोगों से लोगों के संबंध और अधिक प्रगाढ़ होंगे।

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