Friday, July 10, 2026

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बिहार: भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में बड़ा मोड़, अब CBI जांच की उठी मांग

भोजपुर/पटना: बिहार के भोजपुर जिले में हुए कथित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले ने अब एक नया राजनीतिक और सामाजिक मोड़ ले लिया है। इस घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर जहां भारी आक्रोश है, वहीं अब इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग उठ खड़ी हुई है।

राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आरक्षण मोर्चा के अध्यक्ष हाजी मोहम्मद परवेज सिद्दीकी ने इस संबंध में सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर हस्तक्षेप करने की अपील की है।

PMO और गृह मंत्रालय को भेजा गया पत्र

हाजी परवेज सिद्दीकी ने जानकारी दी कि उनके द्वारा भेजा गया शिकायती पत्र प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और गृह मंत्रालय (MHA) को प्राप्त हो चुका है। सरकार ने इसे अपनी प्रक्रिया के अंतर्गत विचार के लिए स्वीकार कर लिया है।

सिद्दीकी ने आगे कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में निष्पक्ष जांच होना लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने मांग की है कि मामले की कमान तत्काल CBI को सौंपी जाए ताकि किसी भी तरह के संदेह और भ्रम का स्थायी समाधान हो सके।

बैकफुट पर आई पुलिस, सरकार ने तेज की जांच

इलाके में बढ़ते जनाक्रोश और राजनीतिक हलचल को देखते हुए बिहार सरकार और पुलिस मुख्यालय पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी जांच तेज कर दी गई है।

पुलिस मुख्यालय द्वारा उठाए गए बड़े कदम:

  • DIG को कमान: पुलिस अतिरिक्त महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) सुधांशु कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस पूरे मामले की विस्तृत जांच की जिम्मेदारी शाहबाद रेंज के उप महानिरीक्षक (DIG) को सौंप दी गई है।
  • वैज्ञानिक पद्धतियों का इस्तेमाल: एनकाउंटर की सच्चाई का पता लगाने के लिए फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) की मदद ली जा रही है।
  • डिजिटल साक्ष्यों पर जोर: घटना से जुड़े तमाम वीडियो फुटेज, तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों, और भौतिक सबूतों का सत्यापन (Verification) किया जा रहा है।

मामले में सियासत और पारिवारिक गुस्सा बरकरार

भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर बिहार की राजनीति भी गरमा गई है। जहां एक तरफ महागठबंधन और विपक्ष सरकार को घेर रहा है, वहीं भाजपा विधायक मैथिली ठाकुर की एक तस्वीर सामने आने के बाद उन्होंने भी इस पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है।

दूसरी ओर, मृतक भरत तिवारी की मां और भाई ने भी इस मुठभेड़ को फर्जी बताते हुए पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं और दोषियों को सख्त से सख्त सजा देने की मांग की है। पुलिस मुख्यालय का कहना है कि वे जांच की प्रगति पर लगातार नजर रख रहे हैं और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

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