Tuesday, August 25, 2026

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राम जन्मभूमि ट्रस्ट में बड़ा बदलाव: चम्पत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे मंजूर, कृष्ण मोहन बने कार्यकारी महासचिव

अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सोमवार को राम जन्मभूमि परिसर में हुई महत्वपूर्ण बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के नैतिक आधार पर दिए गए इस्तीफों को स्वीकार कर लिया गया। इसके साथ ही ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन को कार्यकारी महासचिव नियुक्त किया गया है। उनके सहयोग के लिए एक विशेष समिति का भी गठन किया गया है।

बैठक के बाद ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि महाराज ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि मंदिर में चढ़ावे की राशि में हुई कथित चोरी की घटना को ट्रस्ट ने अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण माना है। इसी प्रकरण को देखते हुए दोनों पदाधिकारियों ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पदों से इस्तीफा दिया, जिसे ट्रस्ट के नियमों के अनुसार स्वीकार कर लिया गया।

22 जुलाई को होगी अगली बैठक

ट्रस्ट ने बताया कि 22 जुलाई को फिर बैठक आयोजित होगी, जिसमें नए ट्रस्ट सदस्यों की नियुक्ति पर विचार किया जाएगा। तब तक एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट भी आने की संभावना है। साथ ही चढ़ावे की चोरी में शामिल अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।

पहली प्राथमिकता—दोषियों को सजा

नवनियुक्त कार्यकारी महासचिव कृष्ण मोहन ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता चढ़ावे की चोरी के दोषियों को कड़ी सजा दिलाना और मंदिर प्रबंधन की व्यवस्थाओं को और अधिक पारदर्शी एवं मजबूत बनाना होगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राम मंदिर के प्रति श्रद्धालुओं का विश्वास और सम्मान कायम रखा जाएगा।

ट्रस्ट ने सार्वजनिक किया दान और चढ़ावे का पूरा हिसाब

श्रद्धालुओं के विश्वास को और मजबूत करने के लिए ट्रस्ट ने पहली बार अब तक प्राप्त दान, चढ़ावा और उसके उपयोग का विस्तृत विवरण सार्वजनिक किया है।

ट्रस्ट के अनुसार—

  • निधि समर्पण अभियान एवं कॉर्पस दान से कुल 3,264 करोड़ रुपये प्राप्त हुए।
  • इनमें से 2,370 करोड़ रुपये मंदिर निर्माण और पूंजीगत कार्यों पर खर्च किए जा चुके हैं।
  • 31 मार्च 2026 तक कुल 582 करोड़ रुपये का चढ़ावा प्राप्त हुआ, जिसमें से 391 करोड़ रुपये संचालन एवं व्यवस्थाओं पर व्यय किए गए।
  • शेष राशि ट्रस्ट के बैंक खातों में सुरक्षित है।
2,926 भेंटों का पूरा रिकॉर्ड, श्रद्धालु कर सकेंगे सत्यापन

ट्रस्ट ने बताया कि नकद दान के अलावा श्रद्धालुओं द्वारा 2,926 वस्तुएं भेंट स्वरूप अर्पित की गई हैं। इन सभी का तिथि सहित पूरा रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज है और हर वर्ष एक स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्म द्वारा उनका भौतिक सत्यापन कराया जाता है।

ट्रस्ट ने सभी दानदाताओं से अपील की है कि यदि कोई अपनी दी गई भेंट या दान का सत्यापन करना चाहता है, तो वह ट्रस्ट कार्यालय में समय लेकर अयोध्या आ सकता है और श्रीरामलला के दर्शन के साथ अपनी भेंट का रिकॉर्ड भी देख सकता है।

ट्रस्ट का संदेश

गोविंद देव गिरि महाराज ने कहा कि मंदिर से जुड़े मामलों पर फैल रही भ्रामक और राजनीतिक बयानबाजी से श्रद्धालुओं को भ्रमित नहीं होना चाहिए। ट्रस्ट पूरी पारदर्शिता के साथ कार्य कर रहा है और रामभक्तों के विश्वास को बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अफवाहों पर ध्यान न देने और ट्रस्ट पर विश्वास बनाए रखने की अपील की।

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