अयोध्या: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे और चंदे में कथित हेराफेरी (चोरी) का मामला अब बेहद गंभीर मोड़ ले चुका है। इस पूरे विवाद में अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और बजरंग दल के संस्थापक विनय कटियार का एक बेहद चौंकाने वाला बयान सामने आया है। विनय कटियार ने साफ तौर पर कहा है कि मंदिर के चंदे में धन का गबन हुआ है और इस मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय जेल भी जा सकते हैं।
“पीएम मोदी से हुई है बात” — विनय कटियार
मामले की गंभीरता को देखते हुए विनय कटियार ने दावा किया है कि उन्होंने इस विषय पर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत की है। कटियार ने मीडिया से बात करते हुए कहा:
चंपत राय समेत कई दिग्गजों की बढ़ीं मुश्किलें
इस कथित घोटाले के सामने आने के बाद से ही राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कई बड़े चेहरों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। जांच की आंच सिर्फ चंपत राय तक ही सीमित नहीं है, बल्कि ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा और गोपाल राव समेत कई अन्य लोग भी जांच के दायरे में हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में जल्द ही कुछ बड़ी गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
SIT की ताबड़तोड़ छापेमारी और 7 घंटे की जांच
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विशेष जांच दल (SIT) पूरी तरह एक्शन में है।
- मैराथन जांच: सूत्रों के अनुसार, आईपीएस (IPS) अधिकारी किरण एस की अगुवाई में SIT की टीम ने राम मंदिर परिसर में पहुंचकर सघन जांच की।
- 7 घंटे से ज्यादा की पड़ताल: यह जांच दोपहर 1:40 बजे शुरू होकर रात 8:30 बजे तक यानी करीब 7 घंटे से भी अधिक समय तक चली। इस दौरान मंदिर परिसर के रिकॉर्ड्स और सुरक्षा व्यवस्था को खंगाला गया।
‘स्पेशल पास’ के जरिए खेल होने का आरोप
इस पूरे स्कैम के पीछे एक बड़ा तरीका (Modus Operandi) भी सामने आ रहा है। आरोप है कि मंदिर में होने वाले हर विशेष कार्यक्रम के दौरान कुछ खास लोगों के नाम से ‘कार्यकर्ता पास’ (Worker Pass) बनाए जाते थे। दावा किया जा रहा है कि इन्हीं वीआईपी और कार्यकर्ता पासेज की आड़ में पूरी व्यवस्था को चकमा देकर चढ़ावे की रकम और चंदे में हेराफेरी की गई।
आगे क्या?
राम मंदिर जैसे संवेदनशील और आस्था से जुड़े मुद्दे पर इतने बड़े घोटाले के आरोपों ने राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। अब देखना यह होगा कि IPS किरण एस की अगुवाई में चल रही SIT जांच में क्या ठोस सबूत सामने आते हैं और क्या वाकई चंपत राय समेत अन्य आरोपियों पर गाज गिरती है।


