Tuesday, October 20, 2026

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मंडल अध्यक्ष बदलने पर भड़का असंतोष, बैठक में कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष और प्रभारी मंत्री के खिलाफ की नारेबाजी

सारंगढ़। छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में भारतीय जनता पार्टी के अंदर संगठनात्मक फैसलों को लेकर नाराजगी खुलकर सामने आ गई है। नगर मंडल अध्यक्ष को बदले जाने के फैसले से असंतुष्ट कार्यकर्ताओं ने जिला भाजपा की बैठक में अपनी आपत्ति जताई। बैठक में जिलाध्यक्ष ज्योति पटेल और जिला संगठन प्रभारी शंकरलाल अग्रवाल की कार्यशैली पर सवाल उठाए गए। वहीं, बैठक के बाद कुछ कार्यकर्ताओं ने प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा और जिला संगठन प्रभारी को बदलने की मांग करते हुए नारेबाजी की।

इस घटनाक्रम ने जिले में भाजपा संगठन के भीतर चल रहे मतभेदों को चर्चा में ला दिया है। आगामी नगरीय निकाय चुनावों से पहले कार्यकर्ताओं की नाराजगी सामने आने से संगठन के सामने असंतोष दूर करने और कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने की चुनौती भी खड़ी हो गई है।

मंडल अध्यक्ष बदलने के फैसले से नाराजगी

विवाद की प्रमुख वजह सारंगढ़ नगर मंडल अध्यक्ष जयप्रकाश बानी को पद से हटाकर नए अध्यक्ष की नियुक्ति करना बताई जा रही है। इस बदलाव को लेकर कुछ कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई और संगठन के फैसले लेने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए।

कार्यकर्ताओं का कहना था कि मंडल स्तर पर महत्वपूर्ण नियुक्तियां करते समय स्थानीय कार्यकर्ताओं से संवाद किया जाना चाहिए। उनका आरोप था कि संगठन में उनकी राय और समस्याओं को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर बैठक में काफी चर्चा हुई।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, भाजपा ने अक्टूबर में सारंगढ़ मंडल अध्यक्ष के पद पर बदलाव करते हुए निखिल बानी को नई जिम्मेदारी सौंपी थी। इस नियुक्ति के बाद संगठन के भीतर असंतोष की चर्चा तेज हुई।

वरिष्ठ पार्षद के मुद्दे पर भी उठा सवाल

बैठक के दौरान वरिष्ठ पार्षद सत्येंद्र बरगाह से जुड़े मुद्दे पर भी कार्यकर्ताओं ने अपनी नाराजगी जाहिर की। इसके अलावा मंडल अध्यक्षों की नियुक्तियों को लेकर भी सवाल उठाए गए।

कुछ कार्यकर्ताओं ने नियुक्तियों में कथित लेन-देन के आरोप लगाए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में इन दावों को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

बैठक में उठे सवालों से स्पष्ट हुआ कि असंतोष केवल मंडल अध्यक्ष बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि कार्यकर्ताओं और जिला संगठन के बीच संवाद तथा स्थानीय स्तर पर समस्याओं के समाधान को लेकर भी नाराजगी जताई जा रही है।

बैठक के बाद नारेबाजी, बदलाव की मांग

बैठक समाप्त होने के बाद कुछ कार्यकर्ताओं ने प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा और जिला संगठन प्रभारी को बदलने की मांग करते हुए नारेबाजी की। इस विरोध ने संगठन के भीतर चल रही नाराजगी को सार्वजनिक कर दिया।

कार्यकर्ताओं की शिकायतों और विरोध के बीच संगठन के सामने असंतोष को दूर करने का सवाल खड़ा हो गया है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर संबंधित नेताओं की विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

नगरीय निकाय चुनाव से पहले संगठन के सामने चुनौती

सारंगढ़ में सामने आया यह विवाद ऐसे समय में चर्चा का विषय बना है, जब भाजपा नगरीय निकाय चुनावों की तैयारियों में जुटी है। चुनाव से पहले संगठन की मजबूती के लिए कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल और स्थानीय स्तर पर सक्रियता महत्वपूर्ण मानी जाती है।

मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति, कार्यकर्ताओं की शिकायतें और वरिष्ठ पदाधिकारियों की कार्यशैली को लेकर उठे सवालों के बीच जिला संगठन के सामने नाराज कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने की चुनौती है।

अब देखना होगा कि पार्टी नेतृत्व इस असंतोष को दूर करने के लिए क्या कदम उठाता है और संगठन के भीतर बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए किस तरह की पहल की जाती है।

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