दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग में पुलिसकर्मी के बेटे चेतन साहू की हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। प्रथम अपर सत्र न्यायालय ने गर्लफ्रेंड समेत तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। करीब 10 महीने तक चली जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद आए इस फैसले में आरोपियों पर अर्थदंड भी लगाया गया है।
मिलने बुलाकर की गई थी मारपीट
पुलिस जांच के मुताबिक, चेतन साहू न्यू पुलिस लाइन, दुर्ग का निवासी था। उसकी पहचान रोशनी लकड़ा से थी। दोनों के बीच नजदीकियां थीं, लेकिन बाद में रोशनी की दोस्ती दूसरे युवक से हो गई। आरोप है कि चेतन लगातार उससे मिलने की कोशिश कर रहा था। इससे परेशान होकर रोशनी ने अपने नए प्रेमी को इसकी जानकारी दी।
इसके बाद चेतन को 29 दिसंबर 2024 की रात कसारीडीह सिविल लाइन क्षेत्र में मिलने के लिए बुलाया गया। आयुष्मान हॉस्पिटल के पास उसके साथ मारपीट की गई। आरोपियों ने लाठी-डंडों और घातक हथियारों से हमला किया, जिससे गंभीर चोटें आने के कारण चेतन की मौत हो गई।
तीन आरोपियों को आजीवन कारावास
घटना के बाद पुलिस ने जांच कर रोशनी लकड़ा, आकाश देशलहरा और कुलेश्वर साहू समेत अन्य संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई की। मामले में तीन नाबालिगों को भी पकड़ा गया था। पुलिस ने हत्या समेत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया।
प्रथम अपर सत्र न्यायालय, दुर्ग ने रोशनी लकड़ा, आकाश देशलहरा और कुलेश्वर साहू को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई। इसके अलावा अन्य धाराओं में भी अलग-अलग अवधि के कारावास का आदेश दिया गया है। अदालत के आदेश के अनुसार, सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।


