नई दिल्ली। चुनाव आयोग के खिलाफ INDIA गठबंधन के प्रदर्शन के बीच शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार पर तीखा हमला बोला है। राउत ने राहुल गांधी के आरोपों का समर्थन करते हुए चुनाव आयोग पर पक्षपातपूर्ण तरीके से काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि पूरे चुनाव सिस्टम को ‘हाईजैक’ कर लिया गया है।
राहुल गांधी के आरोपों का किया समर्थन
संजय राउत ने राहुल गांधी द्वारा चुनाव प्रक्रिया और चुनाव आयोग को लेकर उठाए जा रहे सवालों का समर्थन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग बीजेपी के एजेंट की तरह काम कर रहा है और चुनावी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
राउत का यह बयान ऐसे समय आया है, जब INDIA गठबंधन के सांसदों ने 6 अक्टूबर को संसद भवन से चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च निकाला। विपक्षी दल SIR और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
राजीव कुमार पर भी साधा निशाना
संजय राउत ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार को भी निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि राजीव कुमार के कार्यकाल में शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) से जुड़े राजनीतिक विवादों में ऐसे फैसले आए, जिनसे दोनों दलों के विभाजन को लेकर विवाद बढ़ा।
राउत ने अपने बयान में ज्ञानेश कुमार और राजीव कुमार के खिलाफ बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया और उन्हें ‘अपराधी’ तक करार दिया। हालांकि, ये राउत के राजनीतिक आरोप और बयान हैं, जिन पर अंतिम निष्कर्ष संबंधित कानूनी और संवैधानिक प्रक्रियाओं के आधार पर ही निकाला जा सकता है।
INDIA गठबंधन का मार्च बना बड़ा राजनीतिक मुद्दा
6 अक्टूबर को INDIA गठबंधन के नेताओं और सांसदों ने संसद भवन से चुनाव आयोग मुख्यालय तक मार्च निकाला था। पुलिस ने चुनाव आयोग कार्यालय के पास बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया, जिसके बाद कई नेता सड़क पर धरने पर बैठ गए। बाद में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया।
राउत ने इस प्रदर्शन को अभूतपूर्व बताते हुए कहा कि भारी पुलिस बल की तैनाती के बावजूद आंदोलन रुकने वाला नहीं है। उन्होंने चुनाव आयोग से विपक्षी सांसदों से मिलने और उनकी शिकायतों पर जवाब देने की मांग की।
SIR को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग आमने-सामने
विपक्षी दल मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि SIR की प्रक्रिया में मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने अपने फैसलों को कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप बताया है। आयोग की ओर से यह भी कहा गया है कि संस्थानों में अलग-अलग मत सामने आना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है।
इसी मुद्दे को लेकर INDIA गठबंधन का विरोध प्रदर्शन दिल्ली में तेज हुआ है और विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर कायम हैं। इस बीच भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए प्रदर्शन को राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगाया है।


