रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय गुरुवार को दिल्ली रवाना हुए। अपने दिल्ली दौरे के दौरान वे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में होने वाली अहम बैठक में शामिल होंगे। बैठक में छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच लंबे समय से चले आ रहे महानदी जल विवाद पर चर्चा होगी। दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में जल बंटवारे और विवाद के समाधान की दिशा में आगे की बातचीत होने की संभावना है।
महानदी विवाद पर अहम बैठक, समाधान की उम्मीद
महानदी जल विवाद को लेकर केंद्र की मध्यस्थता में दोनों राज्यों के बीच बातचीत का दौर पहले से जारी है। जुलाई में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल की अध्यक्षता में भी दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक हुई थी, जिसमें आपसी सहमति से समाधान की दिशा में आगे बढ़ने पर जोर दिया गया था।
अब 1 अक्टूबर को दिल्ली में अमित शाह की अध्यक्षता में होने वाली बैठक को इसी प्रक्रिया की अगली कड़ी माना जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि दोनों प्रदेशों के हित में जो भी निर्णय होगा, उसे दोनों सरकारें स्वीकार करेंगी। हालांकि, बैठक से पहले किसी अंतिम समझौते की घोषणा नहीं हुई है।
CWC को भी भेजा गया है पत्र
महानदी जल विवाद को लेकर छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच केंद्रीय जल आयोग (CWC) के स्तर पर भी तकनीकी बातचीत चल रही है। दोनों राज्यों के अधिकारियों और तकनीकी समितियों की बैठकों के जरिए विवाद के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की जा रही है। महानदी जल विवाद 2018 से ट्रिब्यूनल के समक्ष भी लंबित है।
सिंगापुर दौरे में निवेशकों से मुलाकात करेंगे CM
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने आगामी सिंगापुर दौरे को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस दौरे के दौरान छत्तीसगढ़ की विकास संभावनाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर रखने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री निवेशकों और कारोबारियों से मुलाकात कर प्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे।
इसके साथ ही कौशल विकास, तकनीक और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं तलाशने पर भी जोर रहेगा। सरकार का उद्देश्य प्रदेश में निवेश और रोजगार के नए अवसर तैयार करना है।
बाढ़ से प्रभावित जिलों पर भी CM साय की नजर
प्रदेश में हालिया बारिश और बाढ़ की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री ने बताया कि कई जिले और बड़ी संख्या में गांव प्रभावित हुए हैं। प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रभावित परिवारों के नुकसान का सर्वे कराने और नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
सीएम साय ने कहा कि सरकार संकट की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। वे स्वयं बस्तर और सुकमा का दौरा कर राहत शिविरों में व्यवस्थाओं का जायजा ले चुके हैं।
बस्तर के विकास और युवाओं के अवसर पर जोर
बस्तर में पूर्व नक्सलियों द्वारा फिल्म शूटिंग किए जाने को लेकर भी मुख्यमंत्री ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि बस्तर में प्रतिभाओं की कमी नहीं है और वहां के युवा अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी क्षमता दिखा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के प्रभाव में कमी आने के साथ बस्तर के युवाओं के लिए शिक्षा, खेल, रोजगार और अन्य क्षेत्रों में नए अवसर पैदा होंगे। बेहतर मंच और सुविधाएं मिलने से बस्तर के विकास को नई गति मिल सकती है।


