- PoK में हजारों लोग सड़कों पर, सरकार के खिलाफ जबरदस्त नाराज़गी
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पिछले कुछ दिनों से हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। अलग-अलग इलाकों में हजारों लोग सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रशासन उनकी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में पूरी तरह विफल रहा है।
कई जगहों पर रैलियों और धरनों की तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें लोग “आजादी” और “हक दो” जैसे नारे लगाते नजर आ रहे हैं। स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।
- आर्थिक संकट और जरूरी सामान की कमी के आरोप
प्रदर्शनकारियों का दावा है कि क्षेत्र में राशन, पानी, ईंधन और दवाओं की गंभीर कमी हो गई है। कई इलाकों में महंगाई और बेरोजगारी को लेकर भी नाराज़गी बढ़ रही है।
Joint Awami Action Committee (JAAC) जैसे संगठनों से जुड़े नेताओं का कहना है कि आम लोगों का जीवन बेहद कठिन हो गया है और प्रशासन जनता की समस्याओं को अनदेखा कर रहा है।
- वायरल वीडियो में बड़े दावे, भीड़ का भारी समर्थन
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में सरदार अमन खान जैसे स्थानीय नेता भीड़ को संबोधित करते दिखाई दे रहे हैं। इन वीडियो में वे सरकार और सुरक्षा बलों की कार्रवाई पर सवाल उठाते नजर आते हैं।
कुछ वीडियो में भीड़ से यह भी पूछा जाता है कि क्या वे लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) की ओर बढ़ना चाहते हैं, जिस पर लोगों की सहमति की आवाजें भी सुनाई देती हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।
- भारत से मदद और LoC खोलने की मांग की खबरें
कुछ अपुष्ट रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि PoK के कुछ नेताओं ने भारत सरकार से मानवीय सहायता की मांग की है। साथ ही पुंछ और डोडा सेक्टर में LoC के जरिए सीमित आवाजाही या राहत व्यवस्था की अपील की बात भी सामने आई है।
हालांकि, भारत सरकार या किसी आधिकारिक संस्था की ओर से इस पर कोई पुष्टि नहीं की गई है।
- पाकिस्तान प्रशासन पर गंभीर आरोप
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा सख्त कार्रवाई की जा रही है और विरोध को दबाने की कोशिश की जा रही है। वहीं प्रशासन की ओर से हालात को नियंत्रण में रखने की कोशिशें जारी हैं।
- विशेषज्ञों की राय: लंबे समय से जमा असंतोष का नतीजा
विशेषज्ञों का मानना है कि PoK में यह तनाव अचानक नहीं बल्कि वर्षों से चले आ रहे राजनीतिक, आर्थिक और प्रशासनिक असंतोष का परिणाम है। समय-समय पर ऐसे विरोध प्रदर्शन सामने आते रहे हैं।
- स्थिति गंभीर, क्षेत्र में निगरानी तेज
फिलहाल PoK में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। सुरक्षा एजेंसियां और स्थानीय प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं, जबकि आम जनता के बीच असंतोष अभी भी बना हुआ है।


