Friday, July 10, 2026

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‘बीजेपी के लोग ही कर रहे हैं नितिन गडकरी को बदनाम’: संजय राउत का बड़ा दावा

मुंबई: शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अंदरूनी मतभेदों को लेकर एक बड़ा और सनसनीखेज दावा किया है। शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए राउत ने आरोप लगाया कि खुद बीजेपी के भीतर के कुछ नेता केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री पद के दावेदार हैं गडकरी: राउत
संजय राउत ने कहा कि नितिन गडकरी को इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वे प्रधानमंत्री पद के एक बेहद मजबूत दावेदार हैं। राउत के मुताबिक

“गडकरी साहब को इस पूरे मामले पर खुद सामने आकर अपनी बात रखनी चाहिए। लोगों के मन में जो भ्रम पैदा किया गया है, वह उनकी खुद की पार्टी के लोगों की वजह से ही है। नितिन गडकरी को बदनाम करने की कोशिश करने वाले कोई और नहीं, बल्कि खुद बीजेपी के लोग हैं जो उन्हें किसी न किसी तरह फंसाना चाहते हैं।”

2014 से पहले का दिया हवाला
अपनी बात को पुख्ता करने के लिए राउत ने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि यह पहली बार नहीं हो रहा है। साल 2014 से पहले भी, जब गडकरी के बीजेपी अध्यक्ष के रूप में दूसरे कार्यकाल को लेकर चर्चा चल रही थी, तब भी उन्हें घेरने और फंसाने की इसी तरह की कोशिशें की गई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि गडकरी को इतना बदनाम करने की साजिश रची जा रही है ताकि जनता के बीच उनकी छवि खराब हो सके और यह बात खुद गडकरी भी अच्छी तरह जानते हैं।

ईंधन की कीमतों पर केजरीवाल ने भी घेरा


इसी समाचार घटनाक्रम के बीच, आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने देश में पेट्रोल-डीजल के दामों में भारी कटौती की मांग की है।

  • केजरीवाल की मांग: देश में ‘प्योर पेट्रोल’ की कीमत ₹82 प्रति लीटर और E20 ईंधन (Ethanol Blended Fuel) की कीमत लगभग ₹70 प्रति लीटर होनी चाहिए (जो अभी करीब ₹102 है)।
  • असर: केजरीवाल का दावा है कि ईंधन की कीमतों में इस कटौती से देश में बढ़ती महंगाई को तगड़ा झटका लगेगा और आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी।

सरकार का पक्ष: ‘E20 सुरक्षित है और कटौती पर जल्दबाजी नहीं’

इन आरोपों और मांगों के बीच, केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पहले ही स्पष्ट किया था कि अगर वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें अगले कुछ हफ्तों तक स्थिर रहती हैं, तो खुदरा कीमतों में कटौती पर विचार किया जा सकता है, लेकिन अभी इस पर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।

इसके साथ ही उन्होंने E20 ईंधन को लेकर उठ रहे सवालों को खारिज करते हुए कहा कि ऑटोमोबाइल निर्माताओं और तकनीकी संस्थानों (ARAI, IOC R&D) की मंजूरी के बाद ही इसे लागू किया गया है और इससे गाड़ियों के इंजन या वारंटी पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता है।

मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)

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