नई दिल्ली: दिल्ली नगर निगम (MCD) के स्टैंडिंग कमेटी के खाली पदों पर होने वाले आगामी चुनाव से ठीक पहले दिल्ली की सियासत में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। आम आदमी पार्टी (AAP) से बगावत कर पिछले साल नई पार्टी बनाने वाले इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी (IVP) के 16 पार्षदों ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा की मौजूदगी में इन सभी पार्षदों को भाजपा की सदस्यता दिलाई गई।
मुख्य बातें
- बड़ा दलबदल: इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी के संस्थापक और वरिष्ठ नेता मुकेश गोयल सहित कुल 16 पार्षद भाजपा में शामिल हो गए हैं।
- MCD चुनाव पर असर: यह सियासी फेरबदल इस महीने के अंत में होने वाले MCD स्टैंडिंग कमेटी के चुनावों से ठीक पहले हुआ है, जिससे भाजपा की स्थिति काफी मजबूत हो सकती है।
- AAP से पुराना नाता: पिछले साल 18 मई को आम आदमी पार्टी में आंतरिक मतभेदों और अंतर्कलह के कारण मुकेश गोयल और हिमानी जैन के नेतृत्व में 15 पार्षदों ने इस्तीफा देकर ‘इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी’ का गठन किया था।
नेताओं का क्या कहना है?
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के सफल नेतृत्व और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी के मार्गदर्शन में दिल्ली सरकार व निगम द्वारा किए जा रहे जनकल्याणकारी कार्यों से प्रेरित होकर इन पार्षदों ने भाजपा की सदस्यता ली है। इनके आने से संगठन और जनसेवा को और मजबूती मिलेगी।”
हिमानी जैन व मुकेश गोयल (IVP संस्थापक)
पार्टी छोड़ते वक्त नेताओं का कहना था कि उनका एकमात्र उद्देश्य दिल्ली का विकास है और वे उसी विचारधारा के साथ आगे बढ़ेंगे जो दिल्ली के हित में काम करेगी।
क्या होगा इसका राजनीतिक असर?
इस दलबदल के बाद दिल्ली नगर निगम में स्टैंडिंग कमेटी के चुनावों के समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं। 16 नए पार्षदों के आने से भाजपा का पलड़ा भारी होता दिख रहा है, जो कि आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए एक बड़ा सियासी झटका माना जा रहा है।
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)


