Friday, July 10, 2026

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राम मंदिर ट्रस्ट वित्तीय गड़बड़ी मामला: 13 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट करेगा स्वतंत्र जांच की याचिकाओं पर सुनवाई

नई दिल्ली / अयोध्या
अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में कथित वित्तीय अनियमितताओं और गड़बड़ियों को लेकर एक बड़ा मोड़ आया है। सुप्रीम कोर्ट इस पूरे मामले की स्वतंत्र जांच (Independent Probe) की मांग करने वाली याचिकाओं पर आगामी 13 जुलाई को सुनवाई करने के लिए तैयार हो गया है।
यह सुनवाई देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहाना की पीठ (Bench) के समक्ष सूचीबद्ध की गई है।

SIT जांच में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट में अयोध्या राम मंदिर के कैश काउंटिंग रूम (नकद गणना कक्ष) में गंभीर सुरक्षा कमियों की बात सामने आई है:

  • पैसे छिपाने का तरीका: SIT के अनुसार, नोटों की गिनती करने वाले कर्मचारी कथित तौर पर नोटों के बंडल अपने कपड़ों, जेबों, जूतों और निजी सामानों में छिपाकर बाहर ले जा रहे थे।
  • लगातार हुई चोरी: रिपोर्ट में कहा गया है कि यह कोई एक बार की घटना नहीं थी, बल्कि एक “व्यवस्थित और सुनियोजित” तरीके से लगातार की जा रही चोरी थी।
  • CCTV फुटेज: 27 अप्रैल से 5 जून के बीच के सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा करने पर ऐसी लगभग 70 संदिग्ध घटनाएं कैमरे में कैद हुई हैं।
  • सुरक्षा में चूक: जांच में पाया गया कि काउंटिंग हॉल के एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर कर्मचारियों की कोई पुख्ता तलाशी (Frisking) नहीं ली जा रही थी और न ही उनके सामान पर कोई कड़ी निगरानी थी।

मुख्य आरोपी पुलिस की हिरासत में
अयोध्या पुलिस ने इस मामले के तीन मुख्य आरोपियों में से एक, अनुकल्प मिश्रा, को हिरासत में लेकर पूछताछ (Custodial Interrogation) शुरू कर दी है। उत्तर प्रदेश पुलिस और प्रशासन इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटा हुआ है।

ट्रस्ट के सदस्यों का बयान और VIP पास विवाद पर सफाई
इस बीच, राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास महाराज ने उत्तर प्रदेश पुलिस और प्रशासन पर पूरा भरोसा जताया है। उन्होंने कहा:

“हमें राम लल्ला पर पूरा भरोसा है। मुख्यमंत्री और प्रशासन पूरी तरह सतर्क और इस मामले में शामिल हैं। पुलिस अपना काम कर रही है और वे चोरों को पकड़कर सख्त सजा दिलाएंगे।”

इसके साथ ही, उन्होंने उन मीडिया रिपोर्ट्स का भी खंडन किया जिसमें दावा किया जा रहा था कि ट्रस्ट ने चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव की ‘VIP दर्शन पास आईडी’ ब्लॉक कर दी है। महंत दिनेंद्र दास ने साफ किया कि मौजूदा व्यवस्था वैसी ही चल रही है और चंपत राय की आईडी से पास जारी किए जा रहे हैं।

मामले पर गरमाई राजनीति
इस कथित गबन ने उत्तर प्रदेश में एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव सहित अन्य विपक्षी नेताओं ने राज्य सरकार से जवाबदेही की मांग की है। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बार-बार दोहराया है कि मंदिर के फंड में हेराफेरी करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)

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