केंद्रीय राज्य मंत्री (MoS) शोभा करंदलाजे ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर कर्नाटक सरकार की स्थायी निवास प्रमाण पत्र (Permanent Residence Certificate – PRC) 2026 अधिसूचना में तुरंत हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। उन्होंने इस अधिसूचना को लेकर गंभीर संवैधानिक, कानूनी और राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी चिंताएं व्यक्त की हैं।
मुख्य आपत्तियां और चिंताएं
एकल नागरिकता का उल्लंघन: करंदलाजे ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि भारत का संविधान पूरे देश के लिए एकल नागरिकता (Single Citizenship) का प्रावधान करता है। उनका आरोप है कि कर्नाटक सरकार का यह कदम बिना किसी संवैधानिक या वैधानिक अधिकार के ‘स्थायी निवासियों’ की एक अलग श्रेणी बनाने का प्रयास कर रहा है, जो कि अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) का उल्लंघन है।
राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पत्र के अनुसार, इस प्रमाण पत्र के लिए पात्रता का मुख्य आधार स्थानीय राजस्व अधिकारियों द्वारा केवल निवास और स्थानीय सत्यापन को बनाया गया है। इसमें केंद्रीय अधिकारियों के माध्यम से भारतीय नागरिकता की जांच का कोई कड़ा नियम नहीं है।
फर्जीवाड़े की आशंकाउन्होंने चिंता जताई है कि इस ढीली सत्यापन प्रक्रिया का फायदा उठाकर राज्य में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिक या अप्रवासी फर्जी दस्तावेजों के जरिए यह सर्टिफिकेट हासिल कर सकते हैं।
संभावित परिणाम
यदि यह अधिसूचना लागू रहती है, तो इसके निम्नलिखित प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकते हैं:
अवैध प्रवासियों को सरकारी योजनाओं और राज्य के लाभों का फायदा मिल सकता है।
शैक्षणिक संस्थानों में दाखिले और रोजगार के अवसरों में योग्य भारतीय नागरिकों के हक का नुकसान हो सकता है।
चूंकि नागरिकता, विदेशी मामले, प्रवासन और आंतरिक सुरक्षा पूरी तरह से केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आते हैं, इसलिए राज्य का यह कदम केंद्रीय कार्यों में हस्तक्षेप कर सकता है।
गृह मंत्री से की गई मांगें
केंद्रीय राज्य मंत्री ने अमित शाह से निम्नलिखित कदम उठाने का अनुरोध किया है:
- क्रियान्वयन पर रोक: जब तक केंद्र सरकार इस अधिसूचना की संवैधानिक वैधता की पूरी जांच नहीं कर लेती, तब तक इसके क्रियान्वयन को स्थगित (Abeyance) रखा जाए।
- जवाबदेही: कर्नाटक सरकार से रिपोर्ट मांगी जाए कि किस वैधानिक अधिकार के तहत यह अधिसूचना जारी की गई है।
- केंद्रीय सत्यापन: यह सुनिश्चित किया जाए कि केंद्रीय एजेंसियों द्वारा नागरिकता की गहन जांच के बिना कोई भी PRC जारी न किया जाए।
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)


