कहा– “पहले से लागू आदेश पर रोक नहीं लगाई जा सकती”
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी मर्डर केस में आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी को हाई कोर्ट से मिली जमानत पर फिलहाल कोई रोक लगाने से इनकार कर दिया है। अदालत ने साफ कहा कि जो आदेश पहले ही लागू हो चुका है, उस पर तत्काल रोक लगाने के पक्ष में वह नहीं है।
- सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी
सुनवाई के दौरान जस्टिस एम.एम. सुंदेश ने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश पर शुरुआती नजर में कुछ आपत्तियां हो सकती हैं, लेकिन चूंकि सोनम पहले ही जमानत पर रिहा हो चुकी हैं, इसलिए उस पर रोक लगाने का सवाल नहीं बनता।
अदालत ने कहा कि मामले की आगे की सुनवाई में ट्रायल की प्रगति को देखा जाएगा।
- ट्रायल की धीमी रफ्तार पर सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी नोट किया कि अब तक 94 में से केवल 4 गवाहों के बयान ही दर्ज हुए हैं। कोर्ट ने कहा कि जमानत देने या न देने का आकलन ट्रायल की गति और परिस्थितियों को देखकर किया जाएगा।
- सरकारी पक्ष की दलील
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में कहा कि यह एक गंभीर मामला है, जिसमें आरोप है कि महिला अपने पति को हनीमून पर ले गई और कथित तौर पर हत्या की साजिश में शामिल रही। उन्होंने कहा कि यह कोई सामान्य मामला नहीं है और इसे गंभीरता से देखा जाना चाहिए।
- बचाव पक्ष की दलील
सोनम रघुवंशी की ओर से दलील दी गई कि वह पहले ही जमानत पर रिहा हो चुकी हैं और सभी कानूनी शर्तों का पालन कर रही हैं। इसी आधार पर अदालत ने फिलहाल हस्तक्षेप से इनकार कर दिया।
- आगे की सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने मेघालय सरकार की याचिका पर नोटिस जारी किया है और अगली सुनवाई की तारीख 9 जुलाई तय की गई है। कोर्ट ने कहा कि वह ट्रायल की प्रगति पर नजर रखेगा और उसी आधार पर आगे निर्णय लिया जाएगा।
- क्या है पूरा मामला
यह मामला राजा रघुवंशी हत्याकांड से जुड़ा है, जिसमें सोनम रघुवंशी पर गंभीर आरोप लगे हैं। ट्रायल कोर्ट और हाई कोर्ट के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा है, जहां फिलहाल जमानत पर रोक नहीं लगाई गई है।


