Monday, October 19, 2026

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CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी, SIR पर कानूनी लड़ाई तेज; 2 से 8 अक्टूबर तक देशव्यापी अभियान

नई दिल्ली। दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में बुधवार को INDIA गठबंधन के घटक दलों की अहम बैठक हुई। बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संसद में हटाने की प्रक्रिया शुरू करने, विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर उठाए जा रहे सवालों और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ राजनीतिक व कानूनी लड़ाई को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी समेत विपक्षी दलों के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।

बैठक के बाद गठबंधन ने चुनाव आयोग के खिलाफ आंदोलन का कार्यक्रम भी घोषित किया। मल्लिकार्जुन खरगे के मुताबिक, 2 से 8 अक्टूबर तक देशभर में अभियान और जिला स्तर पर प्रदर्शन किए जाएंगे। 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसद चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे। गठबंधन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात का समय मांगने का भी फैसला किया है।

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा

बैठक में CEC ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए संसद में प्रस्ताव लाने की रणनीति पर चर्चा हुई। इससे पहले विपक्षी दलों की ओर से प्रस्ताव का मसौदा तैयार किए जाने की जानकारी सामने आई थी। INDIA गठबंधन के नेताओं ने इसे आगे बढ़ाने के लिए सांसदों के समर्थन और हस्ताक्षर जुटाने पर भी विचार किया।

यहां कानूनी तौर पर “महाभियोग” की जगह CEC को हटाने की संसदीय प्रक्रिया/Removal Motion कहना अधिक सटीक है। विपक्ष इसे महाभियोग प्रस्ताव के रूप में राजनीतिक तौर पर भी संदर्भित कर रहा है।

SIR को लेकर विपक्ष ने उठाए सवाल

बैठक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी चर्चा हुई। विपक्षी दलों का आरोप है कि SIR की प्रक्रिया में मतदाता सूची से नाम हटाने और चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने से जुड़े सवाल उठे हैं। कांग्रेस और उसके सहयोगी दल इस मुद्दे को लेकर लगातार चुनाव आयोग से जवाब मांग रहे हैं।

वहीं चुनाव आयोग ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि आयोग के भीतर अलग-अलग विचार और टिप्पणियां संस्थागत विचार-विमर्श का सामान्य हिस्सा हैं। आयोग का कहना है कि SIR से जुड़े अंतिम फैसले सभी चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से लिए गए और आदेशों को कानूनी आधार प्राप्त है।

2023 के कानून को अदालत में चुनौती देने पर भी चर्चा

बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों से जुड़े 2023 के कानून के उस प्रावधान को कानूनी चुनौती देने के विकल्प पर भी चर्चा हुई, जिसे लेकर विपक्ष सवाल उठा रहा है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि इस कानूनी सुरक्षा की समीक्षा होनी चाहिए। CEC से जुड़े इस कानून को लेकर पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं लंबित हैं।

राहुल गांधी समेत विपक्षी नेता CEC की भूमिका और चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों पर चुनाव आयोग और केंद्र सरकार का पक्ष अलग है।

ममता बनर्जी ने विपक्षी दायरा बढ़ाने का सुझाव दिया

बैठक में विपक्षी एकजुटता को और व्यापक बनाने पर भी चर्चा हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, ममता बनर्जी ने INDIA गठबंधन के बाहर मौजूद गैर-बीजेपी दलों से संवाद बढ़ाने और उन्हें साथ लाने का सुझाव दिया। इस संदर्भ में बीजू जनता दल (BJD) समेत अन्य दलों से संपर्क की बात सामने आई है।

हालांकि, सभी विपक्षी दल बैठक में शामिल नहीं हुए। आम आदमी पार्टी और DMK ने बैठक से दूरी बनाई, जबकि समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की जगह उनके प्रतिनिधि शामिल हुए।

अब 2 अक्टूबर से शुरू होगा अभियान

बैठक के फैसलों के बाद INDIA गठबंधन ने चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर आंदोलन को अगले चरण में ले जाने की तैयारी की है। 2 से 8 अक्टूबर तक जिला स्तर पर प्रदर्शन और अभियान चलाया जाएगा, जबकि 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसद चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे। गठबंधन की ओर से आने वाले दिनों में बड़े स्तर की अन्य रैलियों का कार्यक्रम भी घोषित किए जाने की बात कही गई है।

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