Monday, October 19, 2026

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मां करणी के 639वें अवतरण दिवस पर भव्य आयोजन की तैयारी, डा. राजसिंह शेखावत और वीरेन्द्र सिंह तोमर के मार्गदर्शन में जुटी करणी सेना

रायपुर। क्षत्रिय करणी सेना द्वारा वर्ष 2026 में जगत जननी मां करणी के 639वें जन्मोत्सव एवं अवतरण दिवस के अवसर पर भव्य धार्मिक आयोजन की तैयारी शुरू कर दी गई है। देशनोक स्थित प्रसिद्ध करणी माता मंदिर सहित देश के विभिन्न हिस्सों में श्रद्धालु इस पावन अवसर को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाएंगे। रायपुर में भी इस अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है।

आयोजन की तैयारियां क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. राजसिंह शेखावत तथा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष, किसान नेता वीरेन्द्र सिंह तोमर के मार्गदर्शन में प्रारंभ हो गई हैं।

17 अक्टूबर को मनाया जाएगा मां करणी का अवतरण दिवस

वर्ष 2026 में मां करणी का 639वां जन्मोत्सव एवं अवतरण दिवस 17 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस अवसर पर राजस्थान के बीकानेर जिले के देशनोक स्थित प्रसिद्ध करणी माता मंदिर में मुख्य धार्मिक आयोजन होगा। हर वर्ष यहां मां करणी के भक्तों की बड़ी संख्या में मौजूदगी रहती है।

अवतरण दिवस के अवसर पर देशनोक में भव्य शोभायात्रा, रात्रि जागरण तथा विशेष दर्शन-पूजन सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में रहने वाले मां करणी के श्रद्धालु भी इस दिन अपने-अपने स्तर पर पूजा-अर्चना कर माता का स्मरण करते हैं।

रायपुर में भी होंगे विशेष धार्मिक कार्यक्रम

इस वर्ष रायपुर में भी मां करणी के अवतरण दिवस को विशेष रूप से मनाने की तैयारी की जा रही है। क्षत्रिय करणी सेना की ओर से धार्मिक आयोजन को लेकर रणनीति तैयार की जा रही है। आयोजन का स्थान, समय और कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा तय होने के बाद इसकी जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।

क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष किसान नेता वीरेन्द्र सिंह तोमर ने बताया कि मां करणी के अवतरण दिवस पर रायपुर में भी विविध धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करने की योजना पर कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और जल्द ही आयोजन से जुड़ी पूरी जानकारी साझा की जाएगी।

करीब 151 वर्ष तक धरती पर रहीं मां करणी

मां करणी के जीवन और उनकी धार्मिक मान्यताओं को लेकर राजोद, जायल, नागौर (राजस्थान) निवासी भगत एवं कैप्टन सज्जन सिंह बताते हैं कि मान्यता के अनुसार मां करणी लगभग 151 वर्ष, 6 महीने और 2 दिन तक सशरीर धरती पर विराजमान रहीं।

उनके अनुसार जैसलमेर-बीकानेर सीमा के निकट स्थित धिनोकरणी नामक स्थान पर जल ग्रहण करने के बाद मां करणी ने ज्योतिर्लीन रूप धारण किया था।

महाप्रयाण के पांचवें दिन स्थापित हुई प्रतिमा

कैप्टन सज्जन सिंह के अनुसार, मां करणी के महाप्रयाण के ठीक पांचवें दिन, चैत्र शुक्ल चतुर्दशी, विक्रम संवत 1595 को माता के आदेशानुसार उनकी मूर्ति को देशनोक स्थित निज मंदिर के गर्भगृह में स्थापित किया गया था। इसके बाद से देशनोक सहित देश के विभिन्न स्थानों पर मां करणी की पूजा-अर्चना की जाती रही है।

मां करणी के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था को देखते हुए हर वर्ष उनके जन्मोत्सव और अवतरण दिवस पर देशभर में धार्मिक आयोजन किए जाते हैं। इस बार रायपुर में होने वाले आयोजन को लेकर भी करणी सेना के पदाधिकारी और कार्यकर्ता तैयारियों में जुटे हुए हैं।

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