Monday, October 19, 2026

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ट्रक पलटा तो खुला गांजा तस्करी का राज, 238 किलो 290 ग्राम गांजा बरामद; एक आरोपी गिरफ्तार

सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में एक सड़क हादसे के बाद गांजा तस्करी के बड़े मामले का खुलासा हुआ है। चंदोरा थाना क्षेत्र में ट्रक दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद सड़क पर बिखरे सामान और उसे मौके से हटाने की कोशिश ने पुलिस का ध्यान खींचा। जांच आगे बढ़ी तो सड़क किनारे एक गड्ढे में तिरपाल के नीचे छिपाकर रखी गई गांजे की बोरियां बरामद हुईं। पुलिस के अनुसार, कुल 238 किलो 290 ग्राम गांजा जब्त किया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 19 लाख रुपये है।

पुलिस ने मामले में ट्रक संचालक सुनील कुमार (32) को गिरफ्तार किया है। वह उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के देहली गेट थाना क्षेत्र के इंदिरा नगर का निवासी बताया गया है। वहीं, ट्रक चालक समेत कुछ अन्य लोग घटना के बाद मौके से फरार हो गए। पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश के साथ गांजा तस्करी के पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।

हादसे के बाद बिखरा सामान, गड्ढे में मिली संदिग्ध बोरियां

पुलिस के मुताबिक, 29 सितंबर को घाटपेंडारी मुख्य घाट के पास ट्रक क्रमांक UP 13 T 5497 दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हादसे के बाद ट्रक में लदा सामान सड़क पर बिखर गया। इसी दौरान कुछ लोगों द्वारा सामान को मौके से हटाने की कोशिश किए जाने की जानकारी पुलिस तक पहुंची।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि कुछ सामान सड़क से दूर एक गड्ढे में ले जाकर तिरपाल से ढंक दिया गया है। संदेह के आधार पर पुलिस ने मौके की जांच की तो वहां गांजे की बोरियां बरामद हुईं। इसके बाद पुलिस ने पूरे मामले की पड़ताल शुरू की।

प्लास्टिक दाने की बोरियों के बीच छिपाया गया था गांजा

पुलिस को मौके से 19 बोरियों में प्लास्टिक दाना भी मिला। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गांजे की बोरियों को सामान्य माल की आड़ में छिपाकर ले जाया जा रहा था। प्लास्टिक दाने की बोरियों के बीच नशीली सामग्री रखे जाने की बात सामने आई है।

तस्करों ने कथित तौर पर इस तरीके का इस्तेमाल इसलिए किया था, ताकि ट्रक में लदे सामान्य माल के बीच गांजे की खेप को छिपाकर एक राज्य से दूसरे राज्य तक पहुंचाया जा सके।

ओडिशा से लखनऊ ले जाई जा रही थी खेप

पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, गांजे की यह खेप ओडिशा से उत्तर प्रदेश के लखनऊ ले जाई जा रही थी। ट्रक में प्लास्टिक दाने की बोरियां लोड की गई थीं और उन्हीं के बीच गांजे की बोरियां छिपाई गई थीं।

अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ओडिशा में गांजा किस स्थान से ट्रक में लोड किया गया था और लखनऊ में इसे किस व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था। इसके अलावा तस्करी के इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी भी जांच की जा रही है।

ट्रक संचालक गिरफ्तार, चालक फरार

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ट्रक संचालक सुनील कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में ट्रक के स्वामित्व और संचालन से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस के अनुसार, ट्रक अलीगढ़ निवासी उसके साथी फुरखान के नाम पर पंजीकृत है और साझेदारी में संचालित किया जाता था।

वहीं, ट्रक चालक मोनू शर्मा, निवासी हाथरस, उत्तर प्रदेश, घटना के बाद से फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। मामले से जुड़े अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

गांजे के साथ 12 लाख का ट्रक जब्त

पुलिस ने गांजे की खेप के साथ तस्करी में इस्तेमाल किए गए 12 चक्का टाटा ट्रक को भी जब्त किया है। पुलिस के अनुसार, जब्त ट्रक की अनुमानित कीमत करीब 12 लाख रुपये है।

इस कार्रवाई में गांजे के अलावा ट्रक और अन्य सामग्री भी जब्त की गई है। मामले में NDPS Act की धारा 20(B) के तहत अपराध दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

हादसे से खुला तस्करी नेटवर्क का सुराग

इस पूरे मामले में सबसे अहम पहलू यह रहा कि एक सड़क हादसे के बाद पुलिस को गांजा तस्करी की बड़ी खेप तक पहुंचने का सुराग मिला। शुरुआत में मामला सामान्य सड़क दुर्घटना नजर आ रहा था, लेकिन सामान को मौके से हटाकर छिपाने की कोशिश ने पुलिस को संदेह में डाल दिया।

अब पुलिस की जांच सिर्फ जब्त गांजे तक सीमित नहीं है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि खेप किसने भेजी, गांजा कहां से लोड कराया गया, इसे लखनऊ में किसे पहुंचाया जाना था और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं।

फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और पूरी सप्लाई चेन के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की संभावना है। कार्रवाई में चंदोरा थाना प्रभारी लक्ष्मण सिंह धुर्वे, प्रधान आरक्षक शैलेश सिंह सहित पुलिस टीम की भूमिका रही।

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