डोंगरगढ़। सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती के बाद शादी का भरोसा देकर युवती से शारीरिक संबंध बनाने और बाद में शादी से इनकार करने का मामला सामने आया है। डोंगरगढ़ थाना क्षेत्र की युवती ने युवक पर शादी का झांसा देकर अलग-अलग स्थानों पर उसके साथ संबंध बनाने का आरोप लगाया है। शिकायत के बाद डोंगरगढ़ पुलिस ने आरोपी युवराज चंद्रवंशी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
Facebook पर हुई थी दोनों की पहचान
पुलिस के मुताबिक, युवती की पहचान वर्ष 2025 में फेसबुक के माध्यम से युवराज चंद्रवंशी से हुई थी। दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और आरोपी ने युवती का मोबाइल नंबर लेकर फोन पर भी संपर्क करना शुरू कर दिया। इसके बाद दोनों के बीच लगातार बातचीत होती रही।
शिकायत के अनुसार, 28 अक्टूबर 2025 को आरोपी ने युवती को डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन के पास मिलने के लिए बुलाया। आरोप है कि वहां से वह उसे एक लॉज में ले गया और शादी का भरोसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।
अलग-अलग जगहों पर मिलने और संबंध बनाने का आरोप
युवती ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि इसके बाद भी आरोपी उससे अलग-अलग स्थानों पर मिलता रहा। इस दौरान शादी करने का भरोसा देकर कई बार शारीरिक संबंध बनाए गए। शिकायत में रायपुर स्थित किराये के मकान में मुलाकात का भी उल्लेख किया गया है।
युवती के मुताबिक, जब उसने आरोपी से शादी को लेकर बात शुरू की तो मामला बदलने लगा। वह आरोपी से शादी के लिए लगातार कहती रही, लेकिन कथित तौर पर उसे स्पष्ट जवाब नहीं मिला।
शादी के लिए आरोपी के गांव पहुंची युवती
मामला तब सामने आया जब 25 सितंबर 2026 को युवती आरोपी के गांव गोपालपुर पहुंची। शिकायत के अनुसार, वहां युवराज ने उससे शादी करने से इनकार कर दिया।
इसके बाद युवती ने अपने परिजनों और गांव के लोगों को पूरी घटना की जानकारी दी। परिवार की सलाह के बाद उसने डोंगरगढ़ थाने पहुंचकर पुलिस से शिकायत की।
शिकायत मिलते ही पुलिस ने दर्ज किया केस
पुलिस के अनुसार, 1 अक्टूबर 2026 को युवती की शिकायत पर अपराध क्रमांक 579/2026 दर्ज किया गया। मामले में बीएनएस की धारा 69 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी युवराज चंद्रवंशी की तलाश शुरू की और उसे उसी दिन गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
न्यायिक प्रक्रिया के बाद सामने आएगा अंतिम निष्कर्ष
फिलहाल आरोपी पुलिस कार्रवाई के बाद न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में है। मामले में युवती की शिकायत और पुलिस जांच के आधार पर आरोप लगाए गए हैं। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालय में होने वाली सुनवाई और साक्ष्यों के आधार पर होगी।


