रायपुर। छत्तीसगढ़ के प्रमुख औद्योगिक संस्थानों में शामिल भिलाई स्टील प्लांट (BSP) को लेकर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने प्लांट के निजीकरण की आशंका जताते हुए केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। वहीं, भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को अफवाह करार देते हुए कहा है कि भिलाई स्टील प्लांट जनता का है और जनता का ही रहेगा।
भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दावा किया कि उन्हें जानकारी मिली है कि एक उद्योगपति भिलाई इस्पात संयंत्र का दौरा करने आ सकते हैं। इसी आधार पर उन्होंने आशंका जताई कि केंद्र सरकार की नजर अब बीएसपी पर है।
बघेल ने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पर सार्वजनिक संपत्तियों को बेचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भिलाई स्टील प्लांट छत्तीसगढ़ की आत्मा है और राज्य के लोग इसे किसी भी कीमत पर बिकने नहीं देंगे।
दीपक बैज ने NMDC और BSP को लेकर मांगी गारंटी
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार इस बात की गारंटी देगी कि भिलाई स्टील प्लांट और NMDC का निजीकरण नहीं किया जाएगा।
बैज ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार सार्वजनिक उपक्रमों और औद्योगिक संपत्तियों को बेचने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने अन्य सरकारी औद्योगिक इकाइयों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार को बीएसपी और एनएमडीसी के भविष्य को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
भाजपा का पलटवार, कांग्रेस पर अफवाह फैलाने का आरोप
कांग्रेस नेताओं के आरोपों पर भाजपा के वरिष्ठ नेता केदार गुप्ता ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हर मुद्दे पर अदाणी का नाम लेकर राजनीतिक आरोप लगाती है और विषयों को राजनीतिक षड्यंत्र के रूप में पेश नहीं किया जाना चाहिए।
केदार गुप्ता ने स्पष्ट कहा कि भिलाई स्टील प्लांट जनता का है और जनता का ही रहेगा। भाजपा ने कांग्रेस के दावों को अफवाह बताते हुए उसके आरोपों पर सवाल उठाए।
BSP के भविष्य को लेकर राजनीतिक बहस तेज
भिलाई स्टील प्लांट को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप से प्रदेश में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कांग्रेस ने निजीकरण की आशंका जताते हुए केंद्र सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा है, जबकि भाजपा ने प्लांट के बिकने की बात को खारिज किया है।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर भिलाई स्टील प्लांट की बिक्री या निजीकरण का कोई आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया है। ऐसे में इस मुद्दे पर अंतिम स्थिति स्पष्ट करने के लिए केंद्र सरकार और संबंधित संस्थानों की आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण होगी।


