लखनऊ: लखनऊ के अलीगंज स्थित एक कोचिंग संस्थान में हुए भीषण अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेहद सख्त रुख में नजर आ रहे हैं। सोमवार को हुए इस दर्दनाक हादसे में 15 छात्रों की मौत और कई बेजुबान जानवरों के जिंदा जलने की घटना को सरकार ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। नियमों की अनदेखी और अवैध निर्माणों पर कड़ा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार को मंगलवार शाम 5 बजे तलब किया।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में एलडीए प्रशासन से अवैध निर्माणों और अब तक की गई कार्रवाई पर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
1 जनवरी 2026 से अब तक का मांगा पूरा ब्यौरा
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, एलडीए उपाध्यक्ष से पिछले लगभग छह महीनों का पूरा कच्चा-चिट्ठा मांगा गया है। सीएम योगी ने मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर जवाबदेही तय करने को कहा है:
- सीलिंग नोटिस की स्थिति: 1 जनवरी 2026 से अब तक शहर के सभी सात जोनों में कितने अवैध निर्माणों को सीलिंग नोटिस जारी किए गए?
- अनुपालन और लापरवाही: नोटिस जारी होने के बाद कितने मामलों में प्रभावी कार्रवाई हुई और कितने मामलों में नियमों का उल्लंघन धड़ल्ले से जारी रहा?
- बुलडोजर एक्शन: इस अवधि के दौरान अवैध निर्माणों के खिलाफ की गई ध्वस्तीकरण (बुलडोजर कार्रवाई) का पूरा ब्यौरा क्या है?
एक ही परिसर में चल रही थीं कई दुकानें, नियमों की उड़ी धज्जियां
हादसे की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि जिस बहुमंजिला भवन में यह कोचिंग सेंटर चल रहा था, वहाँ सुरक्षा मानकों और व्यावसायिक नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं।
SIT ने जुटाए वैज्ञानिक साक्ष्य, जल्द सौंपेगी रिपोर्ट
इस भयावह हादसे के तुरंत बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित की गई विशेष जांच दल (SIT) ने मंगलवार को घटनास्थल का मुआयना किया। एसआईटी की टीम ने फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स के साथ मिलकर वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्य जुटाए हैं।
जांच दल मुख्य रूप से तीन पहलुओं पर अपनी रिपोर्ट तैयार कर रहा है:
- आग लगने के वास्तविक और तकनीकी कारण।
- भवन की वैधता और फायर सेफ्टी मानकों की स्थिति।
- स्थानीय प्रशासन और एलडीए अधिकारियों की लापरवाही।
कड़ी कार्रवाई के संकेत: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही साफ कर दिया है कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार किसी भी दोषी, चाहे वह भवन स्वामी हो या लापरवाही बरतने वाला अधिकारी, उसे बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई होगी जो एक नजीर बनेगी।


