Saturday, July 11, 2026

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सपा के पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव के ठिकानों पर ईडी की रेड, अखिलेश यादव ने कार्रवाई पर उठाए सवाल

लखनऊ/झांसी: समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव और उनके करीबियों से जुड़े ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। ईडी की इलाहाबाद जोनल टीम ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत झांसी और लखनऊ में एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई है।

ईडी की यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश विजिलेंस एस्टैब्लिशमेंट द्वारा दर्ज एक एफआईआर के आधार पर शुरू की गई जांच का हिस्सा है। एफआईआर में पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप लगाए गए हैं। इसी मामले को आधार बनाते हुए ईडी ने ईसीआईआर दर्ज की और मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू से जांच आगे बढ़ाई।

रियल एस्टेट और कारोबार से जुड़े नेटवर्क की जांच

जांच एजेंसी के अनुसार, शुरुआती पड़ताल में सामने आया है कि कथित अपराध से अर्जित धन को रियल एस्टेट, निर्माण कार्य और अन्य कारोबार से जुड़ी कई कंपनियों व एलएलपी के माध्यम से निवेश किया गया। ईडी को आशंका है कि इन संस्थाओं का इस्तेमाल अवैध धन को वैध दिखाने के लिए किया गया।

एजेंसी अब इन कंपनियों के बीच हुए वित्तीय लेनदेन, संपत्तियों की खरीद-बिक्री और धन के स्रोत की जांच कर रही है। जांच के दौरान कई दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड को खंगाला जा रहा है, ताकि कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े तथ्यों को सामने लाया जा सके।

छापेमारी के दौरान कई दस्तावेज और डिजिटल उपकरण बरामद

ईडी की टीम ने तलाशी अभियान के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, संपत्तियों से जुड़े कागजात और वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इन सभी साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है।

ईडी सूत्रों का कहना है कि इस मामले में 23 से अधिक एफआईआर दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इन्हीं मामलों को आधार बनाकर एजेंसी कथित अपराध से जुड़े धन के प्रवाह और उसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

अखिलेश यादव ने ईडी कार्रवाई पर साधा निशाना

ईडी की कार्रवाई को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र और जांच एजेंसियों पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सवाल उठाते हुए लिखा, “छापा मारना चाहिए… कर्नाटक और महाराष्ट्र में मार रहे हैं यूपी में।”

उन्होंने आगे लिखा, “जहां CC का माल है वहां नहीं जाते हैं, बस दिखावटी औपचारिकता निभाते हैं।” अखिलेश यादव के इस बयान के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।

राजनीतिक गलियारों में बढ़ी हलचल

सपा नेता के खिलाफ ईडी की कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब प्रदेश में कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार और जांच एजेंसियों की भूमिका को लेकर राजनीतिक दल लगातार एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। समाजवादी पार्टी ने जहां इस कार्रवाई को राजनीतिक दबाव की कोशिश बताया है, वहीं ईडी का कहना है कि उसकी कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है।

फिलहाल ईडी की जांच जारी है। बरामद दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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