राजनांदगांव, 8 जुलाई। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार मानसून ने राजनांदगांव जिले में जोरदार दस्तक दी है। पिछले दो दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जहां किसानों की चिंता दूर कर दी है, वहीं शहर के कई इलाकों में जलभराव से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। खेतों में पानी पहुंचने से किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आई है, लेकिन सड़कों, सरकारी कार्यालयों और अस्पतालों में भरे पानी ने प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पिछले महीने जिले में बेहद कम बारिश होने से धान की खेती पर संकट के बादल मंडरा रहे थे। खेत सूखे पड़े थे और किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बारिश का इंतजार कर रहे थे। अब आषाढ़ माह के शुरुआती दिनों में हुई झमाझम बारिश ने खेतों को नई जिंदगी दे दी है। किसानों का कहना है कि समय पर हुई यह बारिश खरीफ फसलों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इससे बुवाई के काम में तेजी आएगी और अच्छी पैदावार की उम्मीद भी बढ़ गई है।
दूसरी ओर, लगातार बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर कर दिया। जिला अस्पताल के एक्स-रे और सीटी स्कैन वार्ड में पानी भर जाने से मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे लोगों को जलभराव के बीच आवाजाही करनी पड़ी, जिससे व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे।
इतना ही नहीं, तहसील परिसर भी पानी से घिर गया, जिससे कार्यालयीन कामकाज प्रभावित हुआ। शहर के बस स्टैंड, ठाकुर प्यारेलाल स्कूल मार्ग सहित कई प्रमुख सड़कों पर पानी भर जाने से यातायात बाधित रहा। कई दोपहिया वाहन पानी में बंद हो गए, जबकि पैदल आने-जाने वाले लोगों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
बारिश के बाद बिगड़े हालात को देखते हुए नगर निगम और जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। नगर आयुक्त अतुल विश्वकर्मा ने बताया कि नगर निगम की टीमें लगातार जल निकासी के कार्य में जुटी हुई हैं और जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने के लिए पंप लगाए गए हैं। साथ ही नागरिकों से बारिश के दौरान सतर्क रहने और जलभराव वाले स्थानों से बचने की अपील की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार जिले में अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। ऐसे में किसानों को जहां अच्छी फसल की उम्मीद है, वहीं प्रशासन के सामने शहर को जलभराव से राहत दिलाने की चुनौती बनी हुई है।


