चंडीगढ़। पंजाब में फरवरी 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस के भीतर चल रही ‘वर्चस्व की जंग’ पर आलाकमान ने फिलहाल विराम लगा दिया है। शनिवार को चंडीगढ़ में एक लंबे इंतजार के बाद पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल और आलाकमान से नाराज चल रहे पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की गुप्त मुलाकात हुई।
इस बैठक के बाद प्रभारी भूपेश बघेल ने दो टूक शब्दों में साफ कर दिया है कि प्रदेश अध्यक्ष के पद से अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को नहीं हटाया जाएगा।
‘चन्नी बनाम वडिंग’ गुट की लड़ाई में बघेल का फैसला
पिछले कई दिनों से पंजाब कांग्रेस के भीतर अंदरूनी कलह मची हुई थी। पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी और उनका गुट लगातार मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को पद से हटाने की मांग कर रहा था।
अटकलों पर पूर्ण विराम लगाते हुए पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने कहा:
“जो पार्टी हाईकमान का फैसला है, उस पर किसी को ऐतराज नहीं है। सभी नेता हाईकमान के फैसले के साथ एकजुट हैं। फिलहाल प्रदेश अध्यक्ष बदलने का कोई सवाल ही नहीं उठता।”
डैमेज कंट्रोल: टिकट बंटवारे पर चन्नी गुट को क्या मिला आश्वासन?
राजा वडिंग को पद पर बनाए रखने के सख्त फैसले के साथ ही, भूपेश बघेल ने चन्नी गुट की नाराजगी दूर करने के लिए ‘डैमेज कंट्रोल’ का फॉर्मूला भी अपनाया। सूत्रों के मुताबिक, बघेल ने चन्नी गुट को पूरा भरोसा दिलाया है कि आगामी 2027 विधानसभा चुनाव के लिए टिकट बंटवारे में उनके समर्थकों को पूरा मान-सम्मान और उचित हिस्सेदारी दी जाएगी। किसी भी गुट के साथ भेदभाव नहीं होने दिया जाएगा।
राजा वडिंग ने खुद चलाई बघेल की कार!
इस पूरी राजनीतिक बैठक के दौरान एक दिलचस्प वाकया भी देखने को मिला। चन्नी गुट के साथ हुई इस गुप्त मीटिंग में प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग मौजूद नहीं थे। लेकिन जैसे ही बैठक खत्म हुई, राजा वडिंग खुद कार चलाकर (ड्राइव कर) प्रभारी भूपेश बघेल को छोड़ने एयरपोर्ट तक गए, जो यह दर्शाता है कि वडिंग का पलड़ा इस समय भारी है।
चन्नी की रहस्यमयी टिप्पणी: “तेल देखो, तेल की धार देखो…”
मुलाकात और बघेल के फैसले के बाद पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी का एक बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने एक बेहद रहस्यमयी और सस्पेंस से भरी टिप्पणी करते हुए कहा, “बाकी आगे-आगे तेल देखेंगे और तेल की धार देखेंगे।”
हालांकि, इससे पहले शुक्रवार शाम को चन्नी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा था, “पंजाब के लिए एकजुट। हमने अपनी बात रख दी है…”
सियासी मायने
पंजाब चुनाव 2027 के मुहाने पर खड़ा है। ऐसे समय में भूपेश बघेल ने राजा वडिंग की कुर्सी बचाकर और चन्नी गुट को टिकटों का भरोसा देकर बीच का रास्ता निकालने की कोशिश की है। लेकिन चन्नी का “तेल की धार देखो” वाला बयान साफ इशारा कर रहा है कि पंजाब कांग्रेस की यह अंदरूनी चिंगारी अभी पूरी तरह बुझी नहीं है।


