अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में मुख्य आरोपी लवकुश मिश्रा की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। अब प्रशासन ने उसके अवैध आर्थिक साम्राज्य पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) ने लवकुश मिश्रा की पत्नी सुप्रिया मिश्रा के नाम बन रही एक इमारत को लेकर कड़ा रुख अपनाया है और उन्हें ‘बुलडोजर एक्शन’ की चेतावनी के साथ नोटिस जारी किया है।
बिना नक्शे के हो रहा था निर्माण, एक हफ्ते का समय
प्राधिकरण के अधिकारियों ने जब मौके पर जाकर निरीक्षण किया, तो पाया कि यह निर्माण कार्य बिना किसी स्वीकृत नक्शे के और नियमों की धज्जियां उड़ाकर किया जा रहा था।
- ADA का नोटिस: प्रशासन ने सुप्रिया मिश्रा से पूछा है कि क्या इस निर्माण के लिए कोई वैध नक्शा पास कराया गया था?
- अल्टीमेटम: आरोपी पक्ष को कागजात पेश करने के लिए एक हफ्ते का समय दिया गया है।
- कार्रवाई: यदि तय समय में संतोषजनक जवाब या वैध दस्तावेज नहीं मिले, तो इस अवैध निर्माण को ध्वस्त (बुलडोजर कार्रवाई) कर दिया जाएगा।
नौकरी के दौरान खरीदी गई ‘करोड़ों’ की जमीन!
जांच में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। लवकुश मिश्रा ने राम मंदिर में नौकरी करने के दौरान ही सोहावल तहसील के मंगसी परगना इलाके में अपनी पत्नी के नाम पर यह जमीन खरीदी थी।
SIT का कार्यकाल 15 दिन और बढ़ा, 15 जुलाई को सौंपेगी रिपोर्ट
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के इस संवेदनशील मामले की गहराई से जांच के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीती 13 जून को एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था।
- वर्तमान स्थिति: मामले में अब तक प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी जा चुकी है और मुख्य आरोपी लवकुश मिश्रा समेत 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा चुका है।
- जांच का दायरा बढ़ा: SIT अब इस बात का पता लगा रही है कि चोरी की गई रकम को कहां-कहां खपाया गया और इस रैकेट में और कौन-कौन से रसूखदार लोग शामिल हैं।
- नई डेडलाइन: मामले की गंभीरता को देखते हुए SIT का कार्यकाल 15 दिन के लिए और बढ़ा दिया गया है। अब टीम अपनी अंतिम रिपोर्ट 15 जुलाई को शासन को सौंपेगी।


