सरगुजा/मैनपाट। शादी के महज पांच महीने बाद एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से परिवार में मातम पसरा हुआ है। मैनपाट क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों ने विवाह के कुछ समय बाद से ही बेटी को प्रताड़ित किए जाने और मारपीट का आरोप लगाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।
मृतका की पहचान वर्षा के रूप में हुई है। उसके पिता उमेश यादव के मुताबिक, 18 सितंबर को उन्हें बेटी की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिली थी। इसके बाद ससुराल पक्ष के लोग वर्षा को इलाज के लिए मिशन अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
मायके पक्ष ने लगाए गंभीर आरोप
वर्षा की मौत की जानकारी मिलने के बाद मायके पक्ष के लोग अस्पताल पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि शादी के करीब दो महीने बाद से ही वर्षा को ससुराल में परेशान किया जा रहा था। उन्होंने उसके साथ मारपीट किए जाने का भी आरोप लगाया है।
परिजनों ने यह भी दावा किया है कि वर्षा ने खुद जहर नहीं खाया था, बल्कि उसे कथित तौर पर जबरन जहर पिलाया गया। इसके अलावा मायके पक्ष ने मृतका के शरीर पर चोट के निशान होने की बात भी कही है।
हालांकि, इन आरोपों की फिलहाल पुलिस या प्रशासन की ओर से पुष्टि नहीं की गई है। मौत की वास्तविक वजह जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस और प्रशासन ने शुरू की जांच
मामले की सूचना के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। वहीं, नायब तहसीलदार लोकेश्वर सिदार ने मृतका के मायके पक्ष के बयान दर्ज किए हैं। प्रशासन की ओर से भी मामले से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल मौत के कारणों को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सामने आएगा मौत का कारण
नवविवाहिता की मौत के बाद मायके पक्ष के आरोपों ने मामले को गंभीर बना दिया है। पुलिस अब मृतका के परिजनों के बयान, अस्पताल से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वर्षा की मौत किन परिस्थितियों में हुई और मायके पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।

