नई दिल्ली/भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत के हालिया बयान को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। महिलाओं और जेनरेशन Z को लेकर की गई उनकी टिप्पणी पर अब समाजवादी पार्टी (सपा) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। सपा सांसद अफजल अंसारी ने कंगना के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि वह उनके बारे में कुछ कहना नहीं चाहते, क्योंकि जनता पहले ही उनके बयानों का आकलन कर चुकी है।अफजल अंसारी ने कहा कि संसद सदस्य होने के नाते किसी भी नेता के बयान का समाज पर व्यापक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि जब कोई सांसद सार्वजनिक मंच से इस तरह की बातें करता है तो आम जनता में उसका असर पड़ता है और ऐसे बयान शर्मिंदगी का कारण बनते हैं। उन्होंने कंगना के पुराने विवादित बयानों का भी जिक्र करते हुए कहा कि लोग उनकी सोच और बयानबाजी से परिचित हैं।
क्या कहा था कंगना रनौत ने
दरअसल, कंगना रनौत ने जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कुछ युवा महिलाओं की तुलना तथाकथित पश्चिमी सोच से प्रभावित महिलाओं से की थी। उन्होंने दावा किया कि ऐसी महिलाएं शिक्षा, व्यक्तित्व और सामाजिक मूल्यों में कमजोर हैं तथा केवल अपनी तथाकथित आजादी का प्रदर्शन करती हैं। कंगना ने उन्हें “गटर पीढ़ी” बताते हुए कहा कि वे पश्चिमी जीवनशैली से प्रभावित होकर समाज के लिए गलत उदाहरण पेश कर रही हैं। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक बहस तेज हो गई।
पेपर लीक कानून पर भी सरकार को घेरा
सपा सांसद अफजल अंसारी ने इस दौरान पेपर लीक रोकने के लिए लाए गए कानून पर भी केंद्र सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि पहले भी पेपर लीक रोकने के लिए कानून मौजूद थे, लेकिन एनडीए सरकार के कार्यकाल में ऐसी घटनाएं लगातार बढ़ी हैं। उनका कहना था कि पुराने मामलों में अब तक न्याय नहीं मिल पाया है, जबकि सरकार अब फास्ट-ट्रैक कोर्ट और कड़ी सजा की बात कर रही है।
राजनीतिक बयानबाजी हुई तेज
कंगना रनौत के बयान को लेकर विपक्ष लगातार बीजेपी पर निशाना साध रहा है, जबकि बीजेपी की ओर से इस मुद्दे पर अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में यह विवाद और राजनीतिक तूल पकड़ सकता है, क्योंकि महिलाओं से जुड़े मुद्दों और सार्वजनिक बयानबाजी को लेकर बहस लगातार जारी है


