रायपुर, 31 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित झीरम घाटी हत्याकांड की जांच को लेकर प्रदेश की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा NIA जांच पर सवाल उठाए जाने के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पलटवार किया है। सीएम साय ने कहा कि भूपेश बघेल करीब पांच साल तक प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे, ऐसे में यदि उनके पास मामले से जुड़े महत्वपूर्ण प्रमाण थे तो सत्ता में रहते हुए उन्होंने ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की?
NIA जांच पर बघेल के सवालों का साय ने दिया जवाब
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि झीरम घाटी कांड बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला है। इस हमले में कांग्रेस के कई बड़े नेताओं और सुरक्षा जवानों की जान गई थी। उन्होंने कहा कि घटना की सच्चाई सामने आना जरूरी है, लेकिन इसके लिए केवल राजनीतिक बयानबाजी के बजाय जांच को आगे बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
सीएम साय ने भूपेश बघेल के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि बघेल उस दौरान लगातार झीरम मामले से जुड़े प्रमाण होने की बात कहते रहे, लेकिन मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने मामले को लेकर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की, इसका जवाब उन्हें देना चाहिए।
झीरम घाटी में कांग्रेस ने खोए थे कई बड़े नेता
25 मई 2013 को सुकमा से जगदलपुर लौट रही कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर दरभा इलाके की झीरम घाटी में नक्सलियों ने हमला किया था। इस हमले में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं समेत सुरक्षा जवानों और अन्य लोगों की मौत हुई थी।
झीरम घाटी हमले में कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, वरिष्ठ नेता विद्याचरण शुक्ल, महेंद्र कर्मा और उदय मुदलियार समेत कई नेताओं की जान गई थी। घटना के बाद से ही हमले के पीछे की पूरी साजिश और इसके जिम्मेदार लोगों को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा पर भी बोले मुख्यमंत्री
माओवाद के खिलाफ अभियान में सफलता के बाद जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव के सवाल पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुरक्षा की समीक्षा के लिए एक समिति गठित है। समिति संबंधित व्यक्ति की सुरक्षा जरूरतों का आकलन करती है और उसकी सिफारिश के आधार पर सुरक्षा व्यवस्था तय की जाती है।
निवेश और विकास पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं पर भी बात की। उन्होंने कहा कि राज्य प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है और निवेशक यहां उत्पादन शुरू करने में रुचि दिखा रहे हैं।
सीएम साय ने कहा कि कमर्शियल माइनिंग और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार निवेशकों से पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में काम करने की अपेक्षा रखती है।
उन्होंने कहा कि खनन और औद्योगिक क्षेत्र में निवेश बढ़ने से राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ आदिवासी, ग्रामीण और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार तथा विकास के नए अवसर भी पैदा होंगे।
भूपेश बघेल ने NIA जांच पर उठाए थे सवाल
दरअसल, बस्तर में कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर में शामिल होने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने झीरम घाटी मामले की NIA जांच पर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि FIR में नाम दर्ज लोगों से आवश्यक पूछताछ नहीं की गई और घटना के समय मौके पर मौजूद लोगों के बयान भी पर्याप्त रूप से दर्ज नहीं किए गए।
बघेल ने यह भी आरोप लगाया था कि झीरम हमले के पीछे जिन लोगों की भूमिका थी, जांच उस दिशा में पर्याप्त रूप से आगे नहीं बढ़ी। उन्होंने राज्य की भाजपा सरकार पर मामले को दबाने का आरोप भी लगाया था।
फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आया झीरम मामला
भूपेश बघेल के आरोपों और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के पलटवार के बाद झीरम घाटी हत्याकांड एक बार फिर छत्तीसगढ़ की राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। एक ओर कांग्रेस NIA जांच को लेकर सवाल उठा रही है, वहीं मुख्यमंत्री साय पूर्ववर्ती सरकार की कार्रवाई पर सवाल कर रहे हैं।


