बलौदाबाजार। जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए प्रशासन ने आदतन अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी कुलदीप शर्मा ने पुलिस प्रशासन से प्राप्त जांच रिपोर्ट और पुलिस अधीक्षक गौरव राय के प्रतिवेदन के आधार पर तीन आदतन अपराधियों को एक वर्ष के लिए जिला बदर करने के आदेश जारी किए हैं।
प्रशासन के आदेश के मुताबिक, सिटी कोतवाली थाना बलौदाबाजार क्षेत्र के ग्राम करहीबाजार निवासी अशोक अंजान, पिता छन्नू अंजान, तथा कसडोल थाना क्षेत्र के ग्राम कटगी निवासी संतोष थवाईत, पिता स्वर्गीय फिरत थवाईत और भागवत थवाईत, पिता संतोष थवाईत को जिला बदर किया गया है।
एक साल तक जिले और सीमावर्ती इलाकों में प्रवेश पर रोक
यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 3 एवं 5(ख) के तहत की गई है। आदेश के अनुसार तीनों आरोपियों को एक वर्ष की अवधि तक बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के साथ-साथ आसपास के सीमावर्ती जिलों से भी बाहर रहना होगा।
जिन जिलों की सीमा में तीनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है, उनमें बिलासपुर, रायपुर, रायगढ़, महासमुंद, मुंगेली, जांजगीर-चांपा, सक्ती, बेमेतरा और सारंगढ़-बिलाईगढ़ शामिल हैं।
24 घंटे के भीतर जिला छोड़ने का आदेश
जिला दंडाधिकारी के आदेश में तीनों को आदेश पारित होने के 24 घंटे के भीतर बलौदाबाजार-भाटापारा जिले और संबंधित सीमावर्ती जिलों की सीमाओं से बाहर चले जाने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने यह कार्रवाई जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और लगातार आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहने वाले तत्वों पर नियंत्रण के उद्देश्य से की है। आदेश के बाद संबंधित पुलिस अधिकारियों को भी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।


