धमधा। छत्तीसगढ़ में किसानों की ऋण माफी समेत विभिन्न मांगों को लेकर पिछले 17 दिनों से चल रहा आंदोलन शुक्रवार को राजधानी रायपुर तक पहुंचने की कोशिश में बदल गया। किसान नेता बाबा टेक सिंह चंदेल के नेतृत्व में हजारों किसानों ने मुख्यमंत्री निवास की ओर कूच किया। किसानों के इस मार्च को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी थी।
किसानों का काफिला जैसे ही धमधा क्षेत्र के मुरमुंदा गांव के पास पहुंचा, पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। मौके पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणिशंकर चंद्रा सहित पुलिस बल मौजूद रहा। अधिकारियों ने किसानों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। इसके बाद प्रदर्शनकारी किसानों को एक भवन में बैठाया गया और आगे की रणनीति पर चर्चा की गई।
किसानों की मांग मुख्यमंत्री तक पहुंचाने रायपुर भेजा गया प्रतिनिधिमंडल
किसानों को मुख्यमंत्री निवास तक जाने से रोकने के बाद उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को रायपुर भेजा गया। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर OSD और निज सचिव से मुलाकात की। इस दौरान किसानों की ऋण माफी समेत आंदोलन से जुड़ी विभिन्न मांगों और समस्याओं को सरकार के समक्ष रखा गया।
प्रतिनिधिमंडल को किसानों के हित में तीन दिनों के भीतर सार्थक कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया गया है। इसके बाद अब आंदोलनकारी किसानों की नजर सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
तीन दिन में समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन होगा व्यापक
किसान नेताओं का कहना है कि उनकी मांगों को लेकर लंबे समय से आंदोलन चल रहा है, लेकिन अब तक अपेक्षित समाधान नहीं हुआ है। प्रतिनिधिमंडल को मिले आश्वासन के बाद किसानों ने तीन दिन तक सरकार की कार्रवाई का इंतजार करने की बात कही है।
किसान नेताओं ने स्पष्ट किया है कि यदि तय समय में उनकी मांगों को लेकर ठोस पहल नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। ऐसे में आने वाले दिनों में किसानों का आंदोलन किस दिशा में जाता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

