Thursday, September 24, 2026

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पंचायत चुनाव में आधार और वोटर ID नहीं उम्र का अंतिम प्रमाण, 21 साल से कम उम्र में बनी सरपंच का चुनाव रद्द

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पंचायत चुनाव में उम्मीदवार की उम्र को लेकर अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आधार कार्ड और वोटर आईडी में दर्ज जन्मतिथि को उम्र का अंतिम और निर्णायक प्रमाण नहीं माना जा सकता। उम्र निर्धारित करने के लिए जन्म प्रमाणपत्र, मान्यता प्राप्त बोर्ड की मैट्रिक परीक्षा का प्रमाणपत्र और स्कूल रिकॉर्ड जैसे दस्तावेजों को अधिक महत्व दिया जाएगा।

यह मामला बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की जनपद पंचायत बलरामपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत कृष्णानगर का है। यहां सरपंच पद का चुनाव लड़ने वाली जसिला तिथियो की उम्र को लेकर विवाद सामने आया था। हाईकोर्ट ने चुनाव ट्रिब्यूनल के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें उनका चुनाव निरस्त कर दिया गया था।

21 साल की उम्र पूरी नहीं होने का मामला

मामले के अनुसार, जसिला तिथियो ने ग्राम पंचायत कृष्णानगर से सरपंच पद के लिए नामांकन दाखिल किया था। रिटर्निंग ऑफिसर ने उनका नामांकन स्वीकार कर लिया था। चुनाव में कुल तीन उम्मीदवार मैदान में थे और 22 फरवरी 2025 को मतदान हुआ। जसिला को सबसे ज्यादा वैध वोट मिले और वह निर्वाचित घोषित हुईं।

इसके बाद चुनाव में उनकी प्रतिद्वंद्वी सूरजपती राम ने चुनाव याचिका दाखिल कर जसिला की उम्र पर सवाल उठाया। याचिका में दावा किया गया कि जसिला की वास्तविक जन्मतिथि 12 अप्रैल 2004 है। इस हिसाब से नामांकन के समय उनकी उम्र 21 वर्ष पूरी नहीं हुई थी।

चुनाव ट्रिब्यूनल ने भी रद्द किया था चुनाव

मामले की सुनवाई के बाद चुनाव ट्रिब्यूनल ने 25 सितंबर 2025 को याचिका स्वीकार कर ली और जसिला तिथियो के निर्वाचन को शून्य घोषित कर दिया। इसके बाद उन्होंने ट्रिब्यूनल के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी।

सुनवाई के दौरान जसिला की ओर से 5 जुलाई 2025 को अपडेट कराया गया जन्म प्रमाणपत्र भी पेश किया गया, जिसमें जन्मतिथि 12 अप्रैल 2002 दर्ज थी। हालांकि, हाईकोर्ट ने इस दस्तावेज को निर्णायक नहीं माना, क्योंकि यह चुनाव याचिका दाखिल होने के बाद जारी हुआ था।

स्कूल रिकॉर्ड और मैट्रिक प्रमाणपत्र को माना अहम

जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद ने 7 सितंबर को मामले में फैसला सुनाते हुए उम्र निर्धारण के लिए उपलब्ध दस्तावेजों की विश्वसनीयता पर विचार किया। कोर्ट ने कहा कि जन्मतिथि तय करने में जन्म प्रमाणपत्र, मान्यता प्राप्त बोर्ड का मैट्रिक प्रमाणपत्र और स्कूल रिकॉर्ड महत्वपूर्ण दस्तावेज हैं।

कोर्ट के सामने रिकॉर्ड में पहली कक्षा से लेकर मैट्रिक तक के शैक्षणिक दस्तावेजों में जसिला तिथियो की जन्मतिथि 12 अप्रैल 2004 दर्ज होने की बात सामने आई। इसके आधार पर नामांकन के समय उनकी उम्र 21 वर्ष से कम मानी गई।

पंचायत चुनाव लड़ने के लिए 21 साल की उम्र जरूरी

हाईकोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 243-F के प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि पंचायत चुनाव लड़ने के लिए निर्धारित आयु सीमा पूरी करना जरूरी है। सरपंच पद के लिए नामांकन के समय उम्मीदवार की उम्र 21 वर्ष पूरी होनी

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