नई दिल्ली | 26 जून 2026
देश में भारतीय पासपोर्ट को नागरिकता के प्रमाण के रूप में लेकर चल रही बहस के बीच भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) के दौरान भारतीय पासपोर्ट को पहले की तरह ही वैध दस्तावेज माना जाएगा। आयोग ने स्पष्ट किया कि इस संबंध में किसी भी प्रकार का नियम नहीं बदला गया है।चुनाव आयोग के अनुसार, मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने या अपना नाम बनाए रखने के लिए जिन 12 वैध दस्तावेजों को स्वीकार किया जाता है, उनमें भारतीय पासपोर्ट भी शामिल है। आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि “पासपोर्ट पहचान साबित करने वाले दस्तावेजों में पहले भी शामिल था और आज भी शामिल है। इस नियम में कोई बदलाव नहीं किया गया है।”
आयोग ने यह भी बताया कि बिहार और असम सहित अन्य राज्यों में चल रहे SIR अभियान के दौरान भी पासपोर्ट को लगातार स्वीकार्य दस्तावेजों की सूची में रखा गया है। ऐसे में मतदाता अपने आवेदन के साथ पासपोर्ट जमा कर अपनी पहचान संबंधी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
विदेश मंत्रालय का अलग पक्ष
चुनाव आयोग का यह बयान विदेश मंत्रालय की हालिया टिप्पणी के बाद आया है। 14वें पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा था कि भारतीय पासपोर्ट मुख्य रूप से एक यात्रा (Travel) दस्तावेज है, न कि नागरिकता का अंतिम कानूनी प्रमाण।उन्होंने स्पष्ट किया कि विदेश में रहने के दौरान पासपोर्ट भारतीय राष्ट्रीयता की पहचान कराता है, लेकिन भारतीय नागरिकता का निर्धारण नागरिकता कानूनों (Citizenship Laws) के तहत किया जाता है।
क्या है पूरा विवाद?
हाल के दिनों में यह सवाल उठाया जा रहा था कि क्या भारतीय पासपोर्ट को नागरिकता का वैध प्रमाण माना जा सकता है। विदेश मंत्रालय के बयान के बाद इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई। इसी बीच चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रिया में पासपोर्ट एक वैध पहचान दस्तावेज बना रहेगा और इस संबंध में आयोग की नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
मुख्य बातें:
- चुनाव आयोग ने SIR के दौरान पासपोर्ट को वैध दस्तावेज बताया।
- मतदाता सूची के लिए स्वीकार किए जाने वाले 12 दस्तावेजों में पासपोर्ट शामिल।
- आयोग ने कहा- नियम में कोई बदलाव नहीं हुआ।
- विदेश मंत्रालय ने कहा- पासपोर्ट यात्रा दस्तावेज है, नागरिकता का अंतिम कानूनी प्रमाण नहीं।
- नागरिकता का निर्धारण संबंधित कानूनों के तहत किया जाता है।


