मुंबई/पंढरपुर। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के केंद्रीय राजनीति में जाने की चर्चाओं के बीच उनकी पत्नी अमृता फडणवीस का बड़ा बयान सामने आया है। आषाढ़ी एकादशी के अवसर पर पंढरपुर स्थित भगवान विट्ठल-रुक्मिणी मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा है कि देवेंद्र फडणवीस महाराष्ट्र में ही रहकर जनता की सेवा करें।
अमृता फडणवीस ने मुस्कुराते हुए कहा, “मैं महाराष्ट्र में रहना चाहती हूं और यह सुनिश्चित करूंगी कि देवेंद्रजी भी महाराष्ट्र में ही रहें।” उनके इस बयान को मुख्यमंत्री की भविष्य की राजनीतिक भूमिका को लेकर चल रही अटकलों के बीच अहम माना जा रहा है।
दरअसल, हाल ही में शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने दावा किया था कि आगामी केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार में देवेंद्र फडणवीस को दिल्ली बुलाया जा सकता है और महाराष्ट्र में उनकी जगह भाजपा का कोई अन्य नेता मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। हालांकि भाजपा की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन अमृता फडणवीस के बयान ने इन चर्चाओं को नया मोड़ दे दिया है।
पेपर लीक पर छात्रों के साथ, लेकिन हिंसा के खिलाफ
राज्य में परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के विरोध में चल रहे छात्र आंदोलन पर प्रतिक्रिया देते हुए अमृता फडणवीस ने कहा कि यदि आंदोलन केवल पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर केंद्रित है, तो वह पूरी तरह उचित और लोकतांत्रिक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस समस्या को खत्म करने के लिए लगातार सुधारात्मक कदम उठा रही है और आने वाले समय में इसके बेहतर परिणाम देखने को मिलेंगे।उन्होंने कहा, “सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है कि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाएं न हों। छात्रों की अपेक्षाओं के अनुरूप सुधार किए जा रहे हैं।”
‘हिंसा किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं’
आंदोलन के दौरान हुई हिंसा पर अमृता फडणवीस ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि चाहे हिंसा छात्रों के खिलाफ हो या पुलिसकर्मियों के खिलाफ, दोनों ही स्थितियां लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण हैं।उन्होंने कहा, “हिंसा आंदोलन का सबसे काला अध्याय होती है। ऐसा दोबारा नहीं होना चाहिए। जो लोग हिंसा और दुर्व्यवहार में शामिल हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”
अभिव्यक्ति की आजादी का किया समर्थन
अमृता फडणवीस ने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक और हर कलाकार को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाने का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा कि लोगों का अपने अधिकारों का लोकतांत्रिक तरीके से प्रयोग करना स्वस्थ समाज की पहचान है।
भगवान विट्ठल से किसानों और प्रदेश की खुशहाली की प्रार्थना
पंढरपुर में दर्शन के बाद अमृता फडणवीस ने बताया कि उन्होंने भगवान विट्ठल से महाराष्ट्र और पूरे देश की सुख-समृद्धि, किसानों की खुशहाली तथा जनता की समस्याओं के समाधान के लिए प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़े और हर नागरिक का जीवन खुशहाल बने, यही उनकी कामना है।
राजनीतिक गलियारों में तेज हुई चर्चा
अमृता फडणवीस का यह बयान ऐसे समय आया है जब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की संभावित केंद्रीय भूमिका को लेकर राजनीतिक गलियारों में लगातार चर्चाएं चल रही हैं। हालांकि अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व पर निर्भर करेगा, लेकिन उनके बयान ने साफ कर दिया है कि उनकी पहली प्राथमिकता महाराष्ट्र ही है। ऐसे में आने वाले दिनों में भाजपा नेतृत्व इस विषय पर क्या निर्णय लेता है, इस पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।


