भिलाई। भिलाई नगर विधानसभा युवा कांग्रेस चुनाव के दौरान विवाद गहराता जा रहा है। चुनाव प्रक्रिया को लेकर कुछ शिकायतकर्ताओं ने युवा कांग्रेस प्रत्याशी अर्जुन शर्मा, उनके भाई शुभम शर्मा और उनके समर्थकों पर दूसरे प्रत्याशियों के समर्थकों को कथित तौर पर घेरने, डराने-धमकाने और दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि 30-31 अगस्त, 1 सितंबर और 3 सितंबर को अलग-अलग घटनाओं में महिला जनप्रतिनिधियों, उनके परिजनों और युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार और धक्का-मुक्की की गई।
अलग-अलग घटनाओं को लेकर शिकायत
शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, चुनाव के दौरान कुछ प्रत्याशियों और उनके समर्थकों पर दबाव बनाने की कोशिश की गई। 1 सितंबर की घटना से जुड़ा CCTV फुटेज होने का भी दावा किया गया है। घटनाओं से संबंधित कुछ वीडियो भी अलग-अलग माध्यमों से साझा किए जा रहे हैं।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पूरे मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग
मामले को लेकर पुलिस में शिकायत की गई है और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि युवा कांग्रेस चुनाव में सभी प्रत्याशियों और उनके समर्थकों को बिना किसी दबाव के चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा लेने का अवसर मिलना चाहिए।
चुनाव से जुड़े विवाद के सामने आने के बाद संगठन के भीतर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। कार्यकर्ताओं के बीच चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
धनबल और बाहुबल के आरोपों पर भी उठे सवाल
विवाद के बीच कुछ लोगों ने चुनाव में धनबल, बाहुबल और दबदबे के कथित इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में यह स्पष्ट होना बाकी है कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और चुनाव प्रक्रिया पर इसका कितना प्रभाव पड़ा है।
युवा कांग्रेस को युवाओं के लिए लोकतांत्रिक राजनीति में भागीदारी का महत्वपूर्ण मंच माना जाता है। ऐसे में चुनाव प्रक्रिया को लेकर किसी भी तरह की शिकायत सामने आने पर निष्पक्ष जांच और स्पष्ट जवाब जरूरी माना जा रहा है।
संगठन के जवाब का इंतजार
अब पूरे मामले में युवा कांग्रेस नेतृत्व और चुनाव अधिकारियों की प्रतिक्रिया का इंतजार है। यदि शिकायतें सही पाई जाती हैं तो संगठन के स्तर पर कार्रवाई की मांग उठ सकती है, वहीं आरोपों के गलत साबित होने की स्थिति में संबंधित पक्ष की ओर से सफाई सामने आ सकती है।
फिलहाल भिलाई नगर युवा कांग्रेस चुनाव को लेकर उठे विवाद ने संगठन के भीतर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। अब देखना होगा कि जांच के बाद इन आरोपों पर क्या कार्रवाई होती है और चुनाव प्रक्रिया को लेकर संगठन की ओर से क्या स्पष्ट किया जाता है।


