नई दिल्ली:सोने और चांदी की कीमतों में मंगलवार, 28 जुलाई को बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,907 घटकर ₹1.43 लाख पर पहुंच गई है। वहीं एक किलो चांदी ₹6,543 की गिरावट के साथ ₹2.18 लाख पर कारोबार कर रही है। लगातार उतार-चढ़ाव के बीच यह गिरावट निवेशकों और खरीदारों के लिए राहत की खबर मानी जा रही है।
इस साल सोने-चांदी में अलग-अलग रुख
साल 2026 में अब तक सोने और चांदी की कीमतों में अलग-अलग रुझान देखने को मिला है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोने की कीमत करीब ₹1.33 लाख थी, जो अब बढ़कर ₹1.43 लाख हो चुकी है। यानी इस वर्ष अब तक सोना करीब ₹10,000 महंगा हुआ है।वहीं चांदी के दाम में गिरावट दर्ज की गई है। 31 दिसंबर 2025 को चांदी ₹2.30 लाख प्रति किलो थी, जो अब घटकर ₹2.18 लाख प्रति किलो रह गई है। इस तरह इस साल अब तक चांदी करीब ₹12,000 सस्ती हो चुकी है।
इस साल बना था ऑलटाइम हाई
कीमती धातुओं ने इस वर्ष रिकॉर्ड स्तर भी छुआ था। 29 जनवरी 2026 को सोना ₹1.76 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹3.86 लाख प्रति किलो के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गई थी। इसके बाद बाजार में मुनाफावसूली और वैश्विक परिस्थितियों के चलते कीमतों में गिरावट देखने को मिली।
साल के अंत तक फिर बढ़ सकते हैं दाम
कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया का मानना है कि मौजूदा स्तर पर सोने और चांदी की कीमतें अपने उच्चतम स्तर से काफी नीचे हैं। ऐसे में निवेशकों के लिए यह खरीदारी का अवसर हो सकता है। हालांकि उन्होंने सलाह दी कि एकमुश्त निवेश करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से निवेश करना बेहतर रहेगा। उनके अनुसार, साल के अंत तक सोना ₹1.60 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2.80 लाख प्रति किलो तक पहुंच सकती है।
ETF के जरिए भी कर सकते हैं निवेश
जो निवेशक बिना फिजिकल गोल्ड या सिल्वर खरीदे निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए Gold ETF और Silver ETF एक अच्छा विकल्प हो सकते हैं। ये फंड सोने और चांदी की कीमतों पर आधारित होते हैं और इनकी खरीद-बिक्री शेयर बाजार की तरह NSE और BSE पर की जाती है। इसमें निवेशक कम राशि से भी शुरुआत कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर बाजार भाव के अनुसार अपनी यूनिट बेच सकते हैं।
निवेश से पहले रखें ये बात ध्यान में
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि सोने और चांदी की कीमतें वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, डॉलर की चाल और निवेशकों की मांग के आधार पर लगातार बदलती रहती हैं। इसलिए निवेश से पहले बाजार की स्थिति का आकलन करना और विशेषज्ञों की सलाह लेना फायदेमंद हो सकता है।

