बिलासपुर। सेवानिवृत्ति से ठीक पहले दूसरे जिले में किए गए तबादले से परेशान कृषि उपज मंडी समिति के सब-इंस्पेक्टर हरीश सिंह ठाकुर को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से राहत मिली है। अदालत ने छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड को निर्देश दिया है कि याचिकाकर्ता द्वारा पदोन्नति छोड़ने के लिए दिए गए आवेदन पर विचार करते हुए उनकी नई पदस्थापना के संबंध में 10 दिनों के भीतर नियमानुसार निर्णय लिया जाए।
पदोन्नति के साथ हुआ था तबादला
खैरागढ़ स्थित कृषि उपज मंडी समिति में पदस्थ सब-इंस्पेक्टर हरीश सिंह ठाकुर को 22 मई 2026 को मंडी बोर्ड द्वारा इंस्पेक्टर पद पर पदोन्नत किया गया था। हालांकि, पदोन्नति के साथ ही उनका तबादला दुर्ग कृषि उपज मंडी समिति कर दिया गया। स्थानांतरण आदेश के खिलाफ उन्होंने अधिवक्ता पूर्णेंद्र खिचड़िया के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
रिटायरमेंट करीब, इसलिए छोड़ी पदोन्नति
याचिका में कहा गया कि हरीश सिंह ठाकुर की उम्र 60 वर्ष से अधिक है और उनकी सेवा अवधि में लगभग एक वर्ष ही शेष है। ऐसे समय में गृह क्षेत्र से दूर स्थानांतरण होने से उन्हें पारिवारिक और व्यक्तिगत कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। इसी कारण उन्होंने पदोन्नति स्वीकार करने से इनकार करते हुए वर्तमान पदस्थापना स्थल खैरागढ़ में ही कार्य करने की अनुमति मांगी।
मंडी बोर्ड ने कोर्ट को दिया आश्वासन
सुनवाई के दौरान मंडी बोर्ड की ओर से अधिवक्ता अनिमेष तिवारी ने बताया कि याचिकाकर्ता ने 4 जून 2026 को पदोन्नति छोड़ने के लिए आवेदन दिया था। यह आवेदन 5 जून को कृषि उपज मंडी समिति, खैरागढ़ के सचिव द्वारा आवश्यक कार्रवाई के लिए मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक को भेज दिया गया है। बोर्ड ने अदालत को भरोसा दिलाया कि आवेदन पर 10 दिनों के भीतर नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा।
हाईकोर्ट का निर्देश
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी किए बिना याचिका का निराकरण कर दिया। अदालत ने सक्षम प्राधिकारी को निर्देश दिया कि हरीश सिंह ठाकुर के आवेदन और उनकी परिस्थितियों पर विचार करते हुए उनकी नई पदस्थापना के संबंध में 10 दिनों के भीतर कानून के अनुसार उचित निर्णय लिया जाए।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय संबंधित सक्षम प्राधिकारी अपने विवेक और लागू नियमों के आधार पर स्वतंत्र रूप से करेगा।


