Saturday, July 25, 2026

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फिजिक्स ओलंपियाड में भारत का परचम: पांचों छात्रों ने जीते स्वर्ण पदक, करणी सेना के छत्तीसगढ़ अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर ने जताई खुशी

रायपुर: अंतरराष्ट्रीय फिजिक्स ओलंपियाड (IPhO) 2026 में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है। भारतीय दल के सभी पांचों प्रतिभागियों ने स्वर्ण पदक हासिल कर देश का नाम रोशन किया। इस उपलब्धि पर क्षत्रिय करणी सेना के छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष और संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर ने खुशी जाहिर करते हुए भारतीय छात्रों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।
56वें इंटरनेशनल फिजिक्स ओलंपियाड (IPhO) 2026 का आयोजन कोलंबिया के बुकारामांगा में 4 से 12 जुलाई तक किया गया था। इस प्रतियोगिता में दुनिया के 87 देशों के 381 प्रतिभागी विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।

भारत ने हासिल की पहली रैंक

इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भारत के सभी पांचों छात्रों ने स्वर्ण पदक जीतकर न केवल देश का गौरव बढ़ाया, बल्कि भारत को विश्व रैंकिंग में शीर्ष स्थान तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।भारत के साथ ताइवान, दक्षिण कोरिया, रूस, कजाकिस्तान और चीन भी संयुक्त रूप से पहली रैंक पर रहे। भारतीय दल की इस ऐतिहासिक सफलता का क्षत्रिय करणी सेना ने स्वागत किया है।

पांचों भारतीय छात्रों ने रचा इतिहास

वीरेंद्र सिंह तोमर ने भारतीय दल के सभी विजेता छात्रों को बधाई देते हुए उनकी उपलब्धि को देश के लिए गौरवपूर्ण बताया।

स्वर्ण पदक जीतने वाले छात्रों में शामिल हैं—

  • कनिष्क जैन – पुणे, महाराष्ट्र
  • रिद्धेश अनंत बेंडले – इंदौर, मध्य प्रदेश
  • ऋषित गर्ग – द्वारका, नई दिल्ली
  • श्रेष्ठ सुरैया – मुंबई, महाराष्ट्र
  • स्वरित जोशी – अहमदाबाद, गुजरात

इन पांचों छात्रों की सफलता ने वर्ष 2018 के बाद एक बार फिर भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर शीर्ष स्थान दिलाया है।

2018 में भी भारत ने जीते थे पांच स्वर्ण पदक

इससे पहले वर्ष 2018 में पुर्तगाल के लिस्बन में आयोजित 49वें इंटरनेशनल फिजिक्स ओलंपियाड में भी भारत ने शानदार प्रदर्शन किया था। उस समय भारतीय छात्रों ने पांच स्वर्ण पदक जीतकर देश को पहली रैंक दिलाई थी।उस टीम में कोलकाता के सिद्धार्थ तिवारी, जयपुर के पवन गोयल, राजकोट के निशांत अभांगी, कोटा के लय जैन और मुंबई के भास्कर गुप्ता शामिल थे।

प्रतिभा और मेहनत का परिणाम

भारतीय छात्रों की यह सफलता देश में विज्ञान शिक्षा और प्रतिभा के बढ़ते स्तर को दर्शाती है। फिजिक्स जैसे कठिन विषय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की यह उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।

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