नई दिल्ली:
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की विशेष Foreign Currency Non-Resident (Bank) – FCNR(B) जमा योजना को उम्मीद से कहीं बेहतर प्रतिक्रिया मिल रही है। वैश्विक निवेश बैंक Jefferies की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, इस योजना के तहत अब तक 41 अरब अमेरिकी डॉलर (USD 41 Billion) का विदेशी निवेश जुटाया जा चुका है। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि 30 सितंबर को योजना की अवधि समाप्त होने तक यह आंकड़ा बढ़कर 80 से 100 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।
रुपये को मजबूती देने के लिए शुरू की गई थी योजना
RBI ने जून 2026 में यह विशेष FCNR(B) योजना शुरू की थी, जिसका उद्देश्य एनआरआई (NRI) से विदेशी मुद्रा जमा आकर्षित करना और भारतीय रुपये को स्थिरता प्रदान करना था। इस योजना के तहत बैंकों को विशेष स्वैप सुविधा मिलने से वे एनआरआई ग्राहकों को अधिक आकर्षक ब्याज दरें दे पा रहे हैं, जिससे विदेशी मुद्रा का प्रवाह तेजी से बढ़ा है।
Jefferies: भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत
Jefferies का मानना है कि FCNR(B) योजना के तहत लगातार बढ़ रहा विदेशी निवेश भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा सकारात्मक संकेत है। रिपोर्ट के अनुसार, यदि अगले दो महीनों में निवेश की यही रफ्तार बनी रही तो कुल विदेशी मुद्रा प्रवाह 80–100 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। इससे भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूती मिलेगी और रुपये पर दबाव कम होने की संभावना है।
विदेशी मुद्रा भंडार और निवेशकों के भरोसे को मिलेगा बल
विशेषज्ञों का कहना है कि इस योजना से भारत के फॉरेक्स रिजर्व, बैंकिंग प्रणाली की तरलता और निवेशकों के विश्वास को मजबूती मिलेगी। साथ ही, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच यह कदम भारतीय अर्थव्यवस्था को अतिरिक्त सहारा प्रदान कर सकता है।
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)


