भारत ने अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा के क्षेत्र में एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाते हुए अपने प्रमुख एयरपोर्ट्स को वैश्विक ट्रांजिट हब के रूप में विकसित करने की दिशा में काम तेज कर दिया है। इस योजना का उद्देश्य यात्रियों को दुबई, दोहा और अबू धाबी जैसे बड़े ट्रांजिट केंद्रों पर निर्भरता कम करना और भारत को एक मजबूत विकल्प के रूप में स्थापित करना है।सरकारी योजना के तहत दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे प्रमुख एयरपोर्ट्स को “इंटीग्रेटेड इंटरनेशनल ट्रांजिट सेंटर” के रूप में विकसित किया जा रहा है। अभी तक भारत का लगभग 85% कनेक्टिंग ट्रैफिक खाड़ी देशों और सिंगापुर जैसे हब्स से होकर गुजरता है, लेकिन नई नीति इस तस्वीर को बदलने की दिशा में है।इस मॉडल को हब-एंड-स्पोक सिस्टम के तहत लागू किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को कम कनेक्शन टाइम, आसान ट्रांसफर और बेहतर यात्रा अनुभव मिल सकेगा। सरकार ने इमिग्रेशन और कार्गो प्रोसेसिंग को भी सरल बनाया है, ताकि छोटे शहरों से आने वाले यात्री सीधे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से जुड़ सकें।
- वाराणसी से होगी शुरुआत
इस महत्वाकांक्षी योजना की पहली झलक जल्द ही देखने को मिलेगी, जब एयर इंडिया वाराणसी से एक नई ट्रांजिट सुविधा की शुरुआत करेगी। इसके तहत यात्री शुरुआती एयरपोर्ट पर ही इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।
इसके बाद वे दिल्ली या मुंबई जैसे बड़े हब एयरपोर्ट पर बिना दोबारा चेक-इन या कस्टम्स प्रक्रिया के सीधे अपनी अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट पकड़ सकेंगे। उनका सामान भी सीधे अंतिम गंतव्य तक ट्रांसफर किया जाएगा।
- भविष्य की बड़ी योजना
अधिकारियों के अनुसार, इस मॉडल को पहले दिल्ली में टेस्ट किया जाएगा और फिर इसे मुंबई व बेंगलुरु तक विस्तार दिया जाएगा। दिल्ली एयरपोर्ट पर टर्मिनल कनेक्टिविटी सुधारने के लिए एयरसाइड बस सेवा शुरू की जाएगी, जिससे ट्रांसफर समय लगभग 20 मिनट तक घट जाएगा।
आगे चलकर भारत की पहली एयर ट्रेन परियोजना भी प्रस्तावित है, जो टर्मिनल्स और कार्गो सुविधाओं को जोड़ेगी। इसके लगभग 30 महीनों में पूरा होने की उम्मीद है।
- वैश्विक प्रतिस्पर्धा की ओर कदम
इस पहल के साथ भारत न केवल अपने घरेलू एयर ट्रैवल सिस्टम को मजबूत करना चाहता है, बल्कि वैश्विक एविएशन हब्स के बीच अपनी स्थिति भी मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। अगर यह योजना सफल होती है, तो भारत आने वाले वर्षों में अंतरराष्ट्रीय ट्रांजिट का एक बड़ा केंद्र बन सकता है।


