रायपुर/धमधा: क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर रविवार को धमधा विकासखंड के परपोड़ी गांव पहुंचे, जहां उन्होंने समाजसेवी एवं वरिष्ठ नागरिक स्वर्गीय वीरेंद्र सिंह राजपूत की तेरहवीं कार्यक्रम में शामिल होकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और दुख की इस घड़ी में हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए वीरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि स्वर्गीय वीरेंद्र सिंह राजपूत का जीवन समाज सेवा, सरलता और आपसी भाईचारे की मिसाल था। वे हमेशा समाज के हितों को सर्वोपरि रखते थे और किसी भी परिवार के सुख-दुख में सबसे पहले पहुंचने वाले लोगों में शामिल रहते थे। उनके निधन से समाज ने एक ऐसे सजग, सक्रिय और सम्मानित व्यक्तित्व को खो दिया है, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।
उन्होंने कहा कि समाज ऐसे व्यक्तित्वों के योगदान को कभी नहीं भूल सकता। स्वर्गीय राजपूत ने अपने व्यवहार, सेवा भावना और सामाजिक समर्पण से लोगों के दिलों में विशेष स्थान बनाया था। उनके विचार और कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने रहेंगे।
कार्यक्रम के दौरान वीरेंद्र सिंह तोमर ने दिवंगत की धर्मपत्नी शारदा राजपूत तथा उनके पुत्र देवेंद्र सिंह राजपूत और नागेंद्र सिंह राजपूत से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में पूरा क्षत्रिय समाज परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है और ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा परिजनों को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना करता है।
इस अवसर पर क्षत्रिय करणी सेना के राजसिंह हाड़ा, प्रभात सिंह और अमित सिंह ने भी स्वर्गीय वीरेंद्र सिंह राजपूत के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
कार्यक्रम के दौरान वीरेंद्र सिंह तोमर ने उपस्थित समाजजनों से आत्मीय मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। उन्होंने खेलावन सिंह, गौकरण सिंह, भोला सिंह, सोनू सिंह, रमेश सिंह, योगेश सिंह, पिंटू सिंह, रौनक सिंह, लक्की सिंह सहित बैस परिवार के अन्य सदस्यों से भी भेंट कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में समाज के लोग, परिजन, शुभचिंतक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने स्वर्गीय वीरेंद्र सिंह राजपूत के व्यक्तित्व और समाज के प्रति उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। पूरे कार्यक्रम का माहौल भावुक, गरिमामय और सामाजिक एकजुटता से ओत-प्रोत रहा।


