रायपुर/कोरिया (छत्तीसगढ़)। कोरिया जिले के ग्राम नौगई में हुए बहुचर्चित हत्याकांड को लेकर न्याय की मांग तेज हो गई है। मामले में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के उद्देश्य से करणी सेना ने आज एक बड़ा कदम उठाया है। संगठन के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत तथा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर के नेतृत्व में 200 से अधिक करणी सैनिक मंगलवार सुबह Raipur से Korea district के लिए रवाना हुए।
संगठन का कहना है कि यह यात्रा केवल एक परिवार के लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज में न्याय व्यवस्था, निष्पक्ष जांच और कानून के प्रति भरोसा मजबूत करने के उद्देश्य से की जा रही है।
पहले पीड़ित परिवार से मुलाकात, फिर प्रशासन को ज्ञापन
जानकारी के अनुसार, करणी सेना का प्रतिनिधिमंडल पहले ग्राम नौगई पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात करेगा। इसके बाद जिला मुख्यालय में कलेक्टर कोरिया को राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा जाएगा।
ये हैं प्रमुख मांगें
ज्ञापन में संगठन ने कई अहम मांगें रखी हैं, जिनमें शामिल हैं—
- पूरे मामले की CBI या किसी स्वतंत्र उच्चस्तरीय एजेंसी से जांच
- फास्ट ट्रैक कोर्ट में शीघ्र सुनवाई
- सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई
- डिजिटल, फॉरेंसिक और भौतिक साक्ष्यों की सुरक्षित जांच
- पीड़ित परिवार और गवाहों को सुरक्षा
- कॉल डिटेल, लोकेशन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की विस्तृत जांच
- मृतकों के परिजनों को 1 करोड़ रुपये और घायलों को 50 लाख रुपये मुआवजा
- योग्य परिजनों को सरकारी नौकरी देने की मांग
- जांच की नियमित मॉनिटरिंग और पारदर्शी रिपोर्ट सार्वजनिक करने की अपील
संगठन ने कुछ जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की मांग उठाई है।
“न्याय नहीं मिला तो होगा आंदोलन”
करणी सेना ने स्पष्ट किया है कि यदि मामले में निष्पक्ष जांच और समयबद्ध न्याय प्रक्रिया सुनिश्चित नहीं की गई, तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से बड़े आंदोलन की दिशा में आगे बढ़ सकता है।
नेतृत्व का संदेश
रायपुर से रवाना होने से पहले संगठन के नेताओं ने कहा कि उनका उद्देश्य पीड़ित परिवार के साथ खड़ा होना और प्रशासन तक न्याय की मांग को मजबूती से पहुंचाना है। संगठन का दावा है कि इस मामले में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई से ही जनता का न्याय व्यवस्था पर भरोसा कायम रह सकता है।


