नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि जब पूरी दुनिया इजरायल से दूरी बना रही है, ऐसे समय में भारत खतरनाक ढंग से उसके ‘सामरिक प्रभाव’ में फिसलता जा रहा है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पूर्व इजरायल दौरे को इतिहास का एक “भ्रमित करने वाला रणनीतिक फैसला” करार दिया।
सोनिया गांधी के लेख का किया समर्थन
राहुल गांधी ने यह टिप्पणी कांग्रेस संसदीय दल (CPP) की अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा लिखे गए एक संपादकीय लेख के समर्थन में की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए राहुल गांधी ने कहा:
उन्होंने आगे कहा कि भारत की राष्ट्रीय भावना की यह मांग है कि हम अपने फिलिस्तीनी भाइयों और बहनों के लिए आवाज उठाएं, जिनके बच्चों को इतनी बेरहमी से निशाना बनाया गया है।
‘ऐतिहासिक सहयोगियों से दूर हो रहा है भारत’
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी सोनिया गांधी के लेख का हवाला देते हुए सरकार को घेरा। खड़गे के अनुसार:
- सहयोगियों से अलगाव: मौजूदा विदेश नीति के कारण भारत ने फिलिस्तीन, ईरान और व्यापक मध्य पूर्व में अपने पारंपरिक व ऐतिहासिक मित्रों को खो दिया है।
- वैश्विक जनमत की अनदेखी: भारत सरकार वैश्विक जनमत से पूरी तरह कट चुकी है।
प्रियंका गांधी ने भी साधा निशाना
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी सोनिया गांधी के बयान को साझा करते हुए नीति में बदलाव की मांग की। उन्होंने लिखा कि गाजा में इजरायली शासन की दमनकारी कार्रवाइयों और वेस्ट बैंक में लाखों फिलिस्तीनी परिवारों के विस्थापन के खिलाफ उठ रहे वैश्विक जनमत को देखते हुए मोदी सरकार की चुप्पी को नैतिक या तार्किक रूप से सही नहीं ठहराया जा सकता।
गाजा में मानवीय संकट गहराया
इस राजनीतिक बहस के बीच गाजा में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक:
- बढ़ती हताहतें: इजरायली हमलों में दो बच्चों और एक अल जजीरा के कैमरामैन सहित कई लोगों की मौत हुई है।
- स्वास्थ्य प्रणाली ठप: फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि वित्तीय नाकेबंदी और संसाधनों की भारी कमी के कारण गाजा का हेल्थ सेक्टर पूरी तरह से ध्वस्त होने की कगार पर है, जिससे हजारों मरीजों की जान खतरे में है।


