रूस ने भारत को अपनी पांचवीं पीढ़ी के अत्याधुनिक Su-57E स्टेल्थ फाइटर जेट को लेकर एक बड़ा और रणनीतिक प्रस्ताव दिया है। इस प्रस्ताव को दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग में एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, जो आने वाले समय में एशिया की सैन्य शक्ति संतुलन को प्रभावित कर सकता है।
- 36 से 60 स्टेल्थ फाइटर जेट की पेशकश
सूत्रों के अनुसार रूस ने भारत को 36 से 60 Su-57E फाइटर जेट तत्काल उपलब्ध कराने की पेशकश की है। यह कदम भारतीय वायुसेना की क्षमता को मजबूत करेगा, खासकर तब जब भारत अपनी स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी की लड़ाकू विमान परियोजना (AMCA) पर काम कर रहा है।
- भारत में हो सकता है संयुक्त उत्पादन
प्रस्ताव में केवल विमान की खरीद नहीं, बल्कि भारत में ही इसका उत्पादन भी शामिल है। रूस ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के साथ मिलकर लाइसेंस-आधारित निर्माण, असेंबली और सिस्टम इंटीग्रेशन की संभावना जताई है। इससे भारत के “आत्मनिर्भर भारत” अभियान को भी मजबूती मिल सकती है।
- हाई-टेक सैन्य तकनीक साझा करने की पेशकश
रूस ने इस समझौते में रडार सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर तकनीक, मिशन सॉफ्टवेयर और हथियार इंटीग्रेशन जैसी संवेदनशील तकनीकों को साझा करने की भी बात कही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक को एक नई दिशा दे सकता है।
- रणनीतिक महत्व और क्षेत्रीय असर
रक्षा विश्लेषकों के अनुसार यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब चीन और पाकिस्तान अपने हवाई बेड़े को लगातार आधुनिक बना रहे हैं। चीन के J-20 और पाकिस्तान के संभावित J-35 स्टेल्थ फाइटर के मुकाबले यह सौदा भारत की रणनीतिक स्थिति को मजबूत कर सकता है।
- पुतिन का बयान और वैश्विक संदेश
सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत के साथ बिना किसी सीमा के रक्षा सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई। इसे दोनों देशों के बीच गहरे रणनीतिक भरोसे के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।


