अयोध्या/नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर से जुड़े एक मामले पर बड़ा दावा कर राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। केजरीवाल ने कहा है कि उन्हें राम मंदिर से संबंधित एक महत्वपूर्ण जानकारी मिली है, जिसकी उन्होंने पिछले कुछ दिनों में पुष्टि भी की है, और अब वह इसे जनता के सामने रखने वाले हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किए गए अपने संदेश में उन्होंने लिखा कि उन्हें कुछ दिन पहले श्रीराम मंदिर से जुड़ी जानकारी प्राप्त हुई थी, जिस पर शुरुआत में उन्हें विश्वास नहीं हुआ। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि बाद में कई स्तरों पर इसकी जांच और पुष्टि के बाद यह जानकारी सही पाई गई। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही इसे सार्वजनिक करेंगे।केजरीवाल के इस बयान के बाद सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है, क्योंकि यह दावा ऐसे समय आया है जब अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि में कथित गड़बड़ी का मामला पहले से ही सुर्खियों में है।
- चढ़ावा चोरी मामला पहले से जांच के घेरे में
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे और दान से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर हाल ही में बड़ा विवाद सामने आया था। इस मामले में विशेष जांच दल (SIT) की कार्रवाई जारी है और अब तक आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। उत्तर प्रदेश सरकार ने विवाद बढ़ने के बाद पूरे मामले की गंभीर जांच के लिए SIT का गठन किया था।सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां मंदिर परिसर में चढ़ावे के प्रबंधन, रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन से जुड़े पहलुओं की गहराई से जांच कर रही हैं। इस बीच विपक्षी दलों ने सरकार पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि मामले में केवल छोटे कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है जबकि असली जिम्मेदारों को बचाया जा रहा है।
- केजरीवाल के आरोप और बयान
हाल ही में अयोध्या दौरे के दौरान अरविंद केजरीवाल ने रामलला के दर्शन किए थे और उसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि दर्ज की गई FIR केवल एक औपचारिकता है और यह “एक दिखावा” है।केजरीवाल ने दावा किया था कि अगर लंबे समय तक इतना बड़ा घोटाला चलता रहा, तो यह केवल निचले स्तर के कर्मचारियों का काम नहीं हो सकता। उन्होंने यह भी कहा था कि इस पूरे मामले के तार “बहुत ऊपर तक जुड़े हुए” हैं और सच्चाई को दबाने की कोशिश की जा रही है।
- राजनीतिक हलचल तेज
केजरीवाल के ताजा बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएं और तेज हो गई हैं। विपक्षी दल इसे सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर देख रहे हैं, जबकि सत्ता पक्ष का कहना है कि जांच एजेंसियां अपना काम निष्पक्ष रूप से कर रही हैं और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तथ्यों का इंतजार किया जाना चाहिए।इस बीच यह भी स्पष्ट नहीं है कि अरविंद केजरीवाल बुधवार को होने वाली अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में केवल राम मंदिर से जुड़े दावे पर ही बात करेंगे या अन्य राजनीतिक मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे।
- जनता की नजर प्रेस कॉन्फ्रेंस पर
फिलहाल पूरे मामले को लेकर देशभर में उत्सुकता बनी हुई है। केजरीवाल के दावे के बाद अब सभी की नजरें उनकी आगामी प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी हैं, जहां यह उम्मीद की जा रही है कि वे अपने दावे से जुड़ी कथित “अहम जानकारी” सार्वजनिक कर सकते हैं।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर यह दावा ठोस तथ्यों पर आधारित होता है, तो यह मामला और अधिक गंभीर राजनीतिक बहस को जन्म दे सकता है। वहीं अगर यह केवल बयानबाजी साबित होता है, तो विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो सकते हैं।


